Artwork

Nayi Dhara Radio द्वारा प्रदान की गई सामग्री. एपिसोड, ग्राफिक्स और पॉडकास्ट विवरण सहित सभी पॉडकास्ट सामग्री Nayi Dhara Radio या उनके पॉडकास्ट प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर द्वारा सीधे अपलोड और प्रदान की जाती है। यदि आपको लगता है कि कोई आपकी अनुमति के बिना आपके कॉपीराइट किए गए कार्य का उपयोग कर रहा है, तो आप यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं https://hi.player.fm/legal
Player FM - पॉडकास्ट ऐप
Player FM ऐप के साथ ऑफ़लाइन जाएं!

Tirohit Sitar | Damodar Khadse

3:39
 
साझा करें
 

Manage episode 406723874 series 3463571
Nayi Dhara Radio द्वारा प्रदान की गई सामग्री. एपिसोड, ग्राफिक्स और पॉडकास्ट विवरण सहित सभी पॉडकास्ट सामग्री Nayi Dhara Radio या उनके पॉडकास्ट प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर द्वारा सीधे अपलोड और प्रदान की जाती है। यदि आपको लगता है कि कोई आपकी अनुमति के बिना आपके कॉपीराइट किए गए कार्य का उपयोग कर रहा है, तो आप यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं https://hi.player.fm/legal

तिरोहित सितार | दामोदर खड़से

खूँखार समय के

घनघोर जंगल में

बहरा एकांत जब

देख नहीं पाता

अपना आसपास...

तब अगली पीढ़ी की देहरी पर

कोई तिरोहित सितार

अपने विसर्जन की

कातर याचना करती है

यादों पर चढ़ी

धूल हटाने वाला

कोई भी तो नहीं होता तब

जब आँसू दस्तक देते हैं–

बेहिसाब!

मकान छोटा होता जाता है

और सितार

ढकेल दी जाती है

कूड़े में

आदमी की तरह...

सितार के अंतर में

अमिट प्रतिबिंब

बार-बार

उन अँगुलियों की

याद करते हैं

जिन्होंने उसे

सँवारते हुए

पोर-पोर में

अलख जगाई थी

और आँख भर

तृप्ति पाई थी...

स्थितियाँ बड़ी चुगलखोर और ईर्ष्यालु

तैश में आकर वे

विरागी सितार का

कान ऐंठती हैं...

तार के गर्भ में

झंकार अब भी बाकी थी

तरंगें छिपी थीं तार में

बादलों में

बिजलियों की तरह

सुर प्रतीक्षा में थे

उम्र के आखिरी पड़ाव तक भी!

स्पर्श की याद

रोशनी बो गई

सुनसान जंगल

सपनों में खो गया

पेड़ झूमने लगे

सितार को फिर मिल गई

एक संगत...

सितार जीने लगी तरंगें

स्पर्शो के अहसास में

आदमी के एकांत की तरह!

  continue reading

417 एपिसोडस

Artwork
iconसाझा करें
 
Manage episode 406723874 series 3463571
Nayi Dhara Radio द्वारा प्रदान की गई सामग्री. एपिसोड, ग्राफिक्स और पॉडकास्ट विवरण सहित सभी पॉडकास्ट सामग्री Nayi Dhara Radio या उनके पॉडकास्ट प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर द्वारा सीधे अपलोड और प्रदान की जाती है। यदि आपको लगता है कि कोई आपकी अनुमति के बिना आपके कॉपीराइट किए गए कार्य का उपयोग कर रहा है, तो आप यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं https://hi.player.fm/legal

तिरोहित सितार | दामोदर खड़से

खूँखार समय के

घनघोर जंगल में

बहरा एकांत जब

देख नहीं पाता

अपना आसपास...

तब अगली पीढ़ी की देहरी पर

कोई तिरोहित सितार

अपने विसर्जन की

कातर याचना करती है

यादों पर चढ़ी

धूल हटाने वाला

कोई भी तो नहीं होता तब

जब आँसू दस्तक देते हैं–

बेहिसाब!

मकान छोटा होता जाता है

और सितार

ढकेल दी जाती है

कूड़े में

आदमी की तरह...

सितार के अंतर में

अमिट प्रतिबिंब

बार-बार

उन अँगुलियों की

याद करते हैं

जिन्होंने उसे

सँवारते हुए

पोर-पोर में

अलख जगाई थी

और आँख भर

तृप्ति पाई थी...

स्थितियाँ बड़ी चुगलखोर और ईर्ष्यालु

तैश में आकर वे

विरागी सितार का

कान ऐंठती हैं...

तार के गर्भ में

झंकार अब भी बाकी थी

तरंगें छिपी थीं तार में

बादलों में

बिजलियों की तरह

सुर प्रतीक्षा में थे

उम्र के आखिरी पड़ाव तक भी!

स्पर्श की याद

रोशनी बो गई

सुनसान जंगल

सपनों में खो गया

पेड़ झूमने लगे

सितार को फिर मिल गई

एक संगत...

सितार जीने लगी तरंगें

स्पर्शो के अहसास में

आदमी के एकांत की तरह!

  continue reading

417 एपिसोडस

सभी एपिसोड

×
 
Loading …

प्लेयर एफएम में आपका स्वागत है!

प्लेयर एफएम वेब को स्कैन कर रहा है उच्च गुणवत्ता वाले पॉडकास्ट आप के आनंद लेंने के लिए अभी। यह सबसे अच्छा पॉडकास्ट एप्प है और यह Android, iPhone और वेब पर काम करता है। उपकरणों में सदस्यता को सिंक करने के लिए साइनअप करें।

 

त्वरित संदर्भ मार्गदर्शिका