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ये है नई धारा संवाद पॉडकास्ट। ये श्रृंखला नई धारा की वीडियो साक्षात्कार श्रृंखला का ऑडियो वर्जन है। इस पॉडकास्ट में हम मिलेंगे हिंदी साहित्य जगत के सुप्रसिद्ध रचनाकारों से। सीजन 1 में हमारे सूत्रधार होंगे वरुण ग्रोवर, हिमांशु बाजपेयी और मनमीत नारंग और हमारे अतिथि होंगे डॉ प्रेम जनमेजय, राजेश जोशी, डॉ देवशंकर नवीन, डॉ श्यौराज सिंह 'बेचैन', मृणाल पाण्डे, उषा किरण खान, मधुसूदन आनन्द, चित्रा मुद्गल, डॉ अशोक चक्रधर तथा शिवमूर्ति। सुनिए संवाद पॉडकास्ट, हर दूसरे बुधवार। Welcome to Nayi Dhara Samvaa ...
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। खड़ी बोली प्रसिद्ध गद्य लेखक राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह के पुत्र उदय राज सिंह ने अपने पिता की साहित्यिक धरोहर को आगे बढ़ाया। उन्होंने अपने जीवनकाल में बहुत से उपन्यास, कहानियाँ, लघुकथाएँ, नाटक आदि लिखे। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उ ...
 
यहाँ हम सुनेंगे कविताएं – पेड़ों, पक्षियों, तितलियों, बादलों, नदियों, पहाड़ों और जंगलों पर – इस उम्मीद में कि हम ‘प्रकृति’ और ‘कविता’ दोनों से दोबारा दोस्ती कर सकें। एक हिन्दी कविता और कुछ विचार, हर दूसरे शनिवार... Listening to birds, butterflies, clouds, rivers, mountains, trees, and jungles - through poetry that helps us connect back to nature, both outside and within. A Hindi poem and some reflections, every alternate Saturday...
 
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स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 10 जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 17 जनवरी 2021 को प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे वरिष्ठ साहित्यकार शिवमूर्ति जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारे सूत्रधार हिमांशु बाजपेयी ने। आइए सुनते हैं ये रोचक बातचीत।इस एपिसोड के वीडियो वर्जन की लिंक-https://www.you…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 9 जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 10 जनवरी 2021 को प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि एवं कलाकार पद्मश्री डॉ अशोक चक्रधर जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारे सूत्रधार वरुण ग्रोवर ने। आइए सुनते हैं ये रोचक बातचीत। इस एपिसोड के वीडियो…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 8 जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 3 जनवरी 2021 को प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारी मेहमान थीं व्यास सम्मान और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित, वरिष्ठ कथा लेखिका चित्रा मुद्गल जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारी सूत्रधार मनमीत नारंग ने। आइए सुनते हैं चित्रा मुद्ग…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 7 जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 27 दिसंबर 2020 को प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे वरिष्ठ लेखक, पत्रकार और संपादक मधुसूदन आनन्द। उनके साथ बातचीत की थी हमारी सूत्रधार मनमीत नारंग ने। आइए सुनते हैं मधुसूदन आनन्द जी से मनमीत नारंग की ये बातचीत। इस एपिसो…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 6 जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 20 दिसंबर 2020 को LIVE प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारी मेहमान थीं सुप्रसिद्ध कथा लेखिका एवं स्त्री-विमर्श की पैरोकर पद्मश्री उषा किरण खान जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारी सूत्रधार मनमीत नारंग ने। इस वीडियो साक्षात्कार के अंतिम 1…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 5 जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 13 दिसंबर 2020 को प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारी मेहमान थीं प्रसिद्ध कथा लेखिका एवं पत्रकार पद्मश्री मृणाल पाण्डे। इस पॉडकास्ट में आप सुनेंगे कि मृणाल पाण्डे जी के लेखन और जीवन पर कुमाउँनी जीवन की छाप क्या मायने रखती है। साथ ही मृणाल जी ने सं…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
स्वागत है आपका नई धारा रेडियो की एक और पॉडकास्ट श्रृंखला में। यह श्रृंखला नई धारा के संस्थापक श्री उदय राज सिंह जी के साहित्य को समर्पित है। सन 1950 में उदय राज सिंह जी ने नई धारा पत्रिका की स्थापना की जो आज 70+ वर्षों बाद भी साहित्य की सेवा में समर्पित है। उदयराज जी के इस जन्मशती वर्ष में हम उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर आप तक लेकर आ रहे हैं इस पॉडक…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 4, जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 6 दिसंबर 2020 को LIVE प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे चर्चित साहित्यकार और दलित विचारक डॉ श्यौराज सिंह 'बेचैन' जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारी सूत्रधार मनमीत नारंग ने। इस वीडियो साक्षात्कार के अंतिम 10 मिनटों में डॉ …
 
नई धारा रेडियो की पॉडकास्ट श्रृंखला ‛उदय राज सिंह की रचनाएँ' के इस एपिसोड में आपका स्वागत है। आज सुनिए उदय राज जी की लिखी कहानी ‛पद और सम्मान’। ये कहानी समाज में व्याप्त वर्ग व जातिगत भेदभाव पर प्रकाश डालती है। नई धारा रेडियो की अन्य रचनाएँ सुनने के लिए लिंक - नई धारा के LIVE इंटरव्यूज़ से जुड़ने के लिए लिंक - Welcome to this episode of Nayi Dhara Ra…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 3, जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 29 नवंबर 2020 को LIVE प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे लेखक, आलोचक व अनुवादक डॉ देवशंकर नवीन जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारी सूत्रधार मनमीत नारंग ने। इस वीडियो साक्षात्कार के अंतिम 10 मिनटों में डॉ देवशंकर नवीन जी ने …
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के एक नए एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 2, जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 22 नवंबर 2020 को LIVE प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवि और साहित्यकार राजेश जोशी जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारे सूत्रधार हिमांशु बाजपेयी ने। इस वीडियो साक्षात्कार के अंतिम 10 मि…
 
नई धारा संवाद पॉडकास्ट के पहले एपिसोड में आपका स्वागत है। ये है सीज़न 1 का एपिसोड 1, जो हमारे फेसबुक और यूट्यूब पेज पर 15 नवंबर 2020 को LIVE प्रसारित हुआ था। इस एपिसोड में हमारे मेहमान थे सुप्रसिद्ध व्यंगकार प्रेम जनमेजय जी। उनके साथ बातचीत की थी हमारी सूत्रधार मनमीत नारंग ने। इस वीडियो साक्षात्कार के अंतिम 10 मिनटों में जनमेजय जी ने ऑडियंस द्वारा प…
 
ये है नई धारा संवाद पॉडकास्ट। ये श्रृंखला नई धारा की वीडियो साक्षात्कार श्रृंखला का ऑडियो वर्जन है। इस पॉडकास्ट में हम मिलेंगे हिंदी साहित्य जगत के सुप्रसिद्ध रचनाकारों से। सीजन 1 में हमारे सूत्रधार होंगे वरुण ग्रोवर, हिमांशु बाजपेयी और मनमीत नारंग और हमारे अतिथि होंगे डॉ प्रेम जनमेजय, राजेश जोशी, डॉ देवशंकर नवीन, डॉ श्यौराज सिंह 'बेचैन', मृणाल पाण…
 
इस बाल कविता में गुलज़ार साहब को अपने बाग की मिट्टी किसी जादूगर की तरह लगती है - जो रंग, रूप और स्वाद की अनेक तरकीबों से उन्हें अक्सर विस्मय में डाल देती है। In this childrens' poem, Gulzar sees a magician in his garden soil - who, with his colorful and varied tricks frequently puts the poet in awe. कविता / Poem – ज़मीं को जादू आता है! | Zameen Ko Ja…
 
नेमिचन्द्र जैन की इस कविता में उस अद्भुत दृश्य का चित्रण है, जब बरसात के बाद लोग अपनी छतों पर निकल आते हैं, और कुछ देर के लिए अपनी सारी परेशानियों को भूल कर प्रकृति के सौन्दर्य में खो जाते हैं। In this poem, Nemichandra Jain describes that wonderful scene when people gather at their rooftops after rain. Soaking in the natural beauty, and for a brie…
 
'सतपुड़ा के जंगल' एक निमंत्रण है, उन जंगलों में प्रवेश करने का, जिन्हें हम दुर्गम और डरावना मान कर अक्सर उपेक्षित कर देते हैं। भवानीप्रसाद मिश्र की मानें तो यही जंगल हमें अपने आप से जुड़ने का रास्ता दिखाते हैं। 'Satpura Ke Jungle', invites us to step inside forests, which we often disregard on account of fear and inaccessibility. For Bhawani Prasad M…
 
इस कविता में नीम के फूलों की महक कुँवर नारायण को कभी अपनी माँ, कभी अपने पिता, कभी अपने बचपन तो कभी अपनी पूरी संस्कृति की याद दिलाती है - वह संस्कृति जहां मानवता और प्रकृति एक दूसरे में पूरी तरह घुले मिले हुए हैं। The smell of Neem flowers reminds Kunwar Narain, sometimes of his mother, sometimes of his father, sometimes of his childhood, and someti…
 
विनोद कुमार शक्ल की कविता 'जलप्रपात है समीप' हमें एक झरने के पास ला कर खड़ा कर देती है। वो हमें मजबूर करती है के हम उसकी आवाज़ को गौर से सुनें - और उस एक आवाज़ में छुपी कई छोटी-छोटी आवाजों को पहचानें। ताकि हम भी कवि की तरह उनके साथ सुर में सुर मिला कर, प्रकृति के संगीत में शामिल हो सकें। In his poem 'Jalprapaat Hai Sameep', Vinod Kumar Shukla brings u…
 
गुलज़ार को शब्दों का चित्रकार माना जाता है। उनकी कविता 'थिंपू-भूटान' में एक पहाड़ हमसे इस तरह मुख़ातिब होता है, मानो हमारे परिवार का ही कोई बुज़ुर्ग हो - जो मानव जीवन की संकीर्णता को देखकर हैरान भी है और परेशान भी। Gulzar is known as a painter of words. In his poem 'Thimpu-Butan', he imagines the mountain to be an old relative. At once inquisitive, be…
 
केदारनाथ सिंह की कविता ‘नदियाँ’ एक नदी की तरह ही बहती है। वह हमें कई परिदृश्य दिखाती है, कई ऐसे मोड़ लेती है जो हमें चकित कर छोड़ते हैं, और अंततः जब उसके निर्मल जल में हम अपना प्रतिबिंब देखते हैं, तो पाते हैं के हम एक नदी के ही भूले-बिसरे रिश्तेदार हैं।Kedarnath Singh’s poem ‘Nadiyaan’ flows much like a river. It shows us many landscapes, takes many …
 
कुँवर नारायण अपनी कविताओं में अक्सर पेड़ों से बातें करते थे। उनकी कविता 'मेरा घनिष्ठ पड़ोसी' हमें एक ऐसे पेड़ से मिलवाती है जो न सिर्फ उनका पुराना पड़ोसी है बल्कि उनके सुख-दुख का साथी और उनका प्रिय मित्र भी है। तो चलिए उनकी आँखों से इस पेड़ को देखें ताकि हम भी अपने पड़ोसी पेड़ों से दोस्ती कर सकें।Kunwar Narain often spoke to trees in his poetry. In his po…
 
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