सर्वश्रेष्ठ Society पॉडकास्टस (2024)
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सर्वश्रेष्ठ Society पॉडकास्ट हम पा सकते हैं
सर्वश्रेष्ठ Society पॉडकास्ट हम पा सकते हैं
Over the years, podcasts have become an increasingly popular medium because they are well-packed, can be followed from any place, at any time and without Internet connection. Listening to podcasts enables people gain a clearer insight about the social affairs and social issues in every corner of the world. In this catalog, there are podcasts where well-read hosts and guests discuss about people of different religions and their way of life and culture, of different communities, countries, continents, different philosophies as well as different points of view on society. Also, literature fans can learn more about the latest news from their favourite genres, emerging authors, current best selling books and literary theories. Furthermore, people can find interviews and true and inspiring life stories told by people from all walks of life. Some podcasts house activists who fight for the rights of the oppressed, ranging from animals to people, aiming at creating a better society.
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Nayidhara Ekal

Nayi Dhara Radio

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मासिक+
 
साहित्य और रंगकर्म का संगम - नई धारा एकल। इस शृंखला में अभिनय जगत के प्रसिद्ध कलाकार, अपने प्रिय हिन्दी नाटकों और उनमें निभाए गए अपने किरदारों को याद करते हुए प्रस्तुत करते हैं उनके संवाद और उन किरदारों से जुड़े कुछ किस्से। हमारे विशिष्ट अतिथि हैं - लवलीन मिश्रा, सीमा भार्गव पाहवा, सौरभ शुक्ला, राजेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र सक्सेना, गोविंद नामदेव, मनोज पाहवा, विपिन शर्मा, हिमानी शिवपुरी और ज़ाकिर हुसैन।
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Pratidin Ek Kavita

Nayi Dhara Radio

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रोज
 
कवितायेँ जहाँ जी चाहे वहाँ रहती हैं- कभी नीले आसमान में, कभी बंद खिड़कियों वाली संकरी गली में, कभी पंछियों के रंगीन परों पर उड़ती हैं कविताएँ, तो कभी सड़क के पत्थरों के बीच यूँ ही उग आती हैं। कविता के अलग अलग रूपों को समर्पित है, हमारी पॉडकास्ट शृंखला - प्रतिदिन एक कविता। कीजिये एक नई कविता के साथ अपने हर दिन की शुरुआत।
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Savdhan Hindustan

livehindustan - HT Smartcast

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साप्ताहिक
 
हमारे आस-पास कब क्या वारदात हो जाए कौन आपका दुश्मन साबित हो जाए ये जानना मुश्किल है। जब जुर्म दस्तक देता है तो उसकी आवाज़ बहुत कम पर रफ़्तार तेज़ होती है, लेकिन उसके शुरू होने के 4 मुख्य कारण होते हैं, पहला - लालच, दूसरा - मोह, तीसरा - माया यानि पैसा और शोहरत, चौथा - बदला। इस श्रंखला में अंकुश बख्शी पेश करेंगे अपराध जगत के तमाम मामलों की रिपोर्ट, सुनिए और सावधान रहिए।
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Din Bhar

Aaj Tak Radio

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रोज
 
Din Bhar is a daily news analysis podcast in Hindi language presented by Aaj Tak Radio. It covers issues ranging from Politics and international relations to health, society, cinema and sports. Did your regular prime time debate miss something that really matters to you? Close your day with Din Bhar, wherein we pick four big news stories of the day and analyse them with help of experts in a manner that is easy to understand. दिन भर के शोर के बाद शाम ढल गई है. हमारे यहां आइए. ख़बरों के सबसे अ ...
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Hi there beautiful! In my podcast, I bring you topics that are close to women's heart. Using research and storytelling (and poetry), I shed light on issues that are often ignored by the society, such as contribution of full time mothers, grey hair and society ki soch, challenges faced by working mothers. I hope that you will find your story reflected in my podcasts. I also have a weekly news (samachar) brief where you can catch up with the latest from the world. So join me on a new journey e ...
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Ek Tukda Zindagi Ka

HT Smartcast Originals

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साप्ताहिक
 
हमें ज़िन्दगी में एक दोस्त ऐसा ज़रूर चाहिए होता है जो हमारी problems को सुने और समझे भी, क्यूंकि बिना समझे ज्ञान तो सभी देतें हैं। एक टुकड़ा ज़िन्दगी का, में Ashish Bhusal आपके उस दोस्त की कमी पूरा करना चाहतें हैं। In each episode, Ashish will talk about a common yet pressing issue proposed by you. And he will share a few tips to resolve it. To get your issue featured and resolved on this podcast DM Ashish on Instagram @ashupanti. And to stay updated on Ek Tukda Zindagi ka follow us on FB, IG, T ...
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Bhalta Raja

Red FM

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मासिक
 
Bhalta Raja - Musical presentation on the lines of Altaf Raja. RJ Ravi imitates Altaf like nobody else and uses the sarcasm to highlight important matters of the society.
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Maila Aanchal by Phanishwar Nath Renu

Audio Pitara by Channel176 Productions

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Hum lekar aaye hain aap logon ke liye ek bahut hi khaas audio series jo ki inspired hai “Maila Aanchal” upanyas se jiske lekhak hai “Phanishwar Nath Renu”. Aaiye samajhte hain gaon ki kathinaiyon, gareebi, zamindari pratha ke bare mein vistaar se Depak Yadav ke aawaz mein.Toh der kis baat ki shuru kariye sunana “Maila Anchal” sirf “Audio Pitara” par. #audiopitara #sunnazaroorihai #audio #series #rural #life #poverty #zamindari #system #mailaaanchal #books #society #culture #history
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Mauraya Samrajya ke sansthapak Chandragupt ne apni sujhbhujh aur himmat par Bharat ki taraf badhte videshi hamlavar Sikandar ko roka tha. Isi Chandragupt ko kendra mein rakh kar Jayshankar Prasad ne 'Chandragupt' shirshak se natak ki rachna ki hai, jisme Bharatiya itihaas, darshan evam sanskriti ki jhalak milti hai. Aise hi, interesting audio stories aur podcast suniye only on Audio Pitara par. #chandragupt #journey #power #struggles #sacrifices #ancient #india #epic #audiopitara #sunnazaroo ...
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Skandgupt by Jai Shankar Prasad

Audio Pitara by Channel176 Productions

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मासिक
 
“Skandagupta" is a drama by the poet "Jaishankar Prasad". The play revolves around the historical figure Skandagupta, a "Gupta dynasty" emperor who ruled in ancient India. The play explores Skandagupta's challenges and commitment to upholding justice and righteousness through the dramatic narrative. The drama delves into themes of leadership, duty, and patriotism while also depicting the personal struggles and decisions faced by Skandagupta. Skandagupta" is a drama written by Hindi poet and ...
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Saadat Hasan Manto was a renowned Urdu writer who gained fame for his stories with a touch of mystery and cool detachment. And now, Audio Pitara has brought to you 'Saadat Hasan Manto,' featuring "25 Sarvshreshth Kahaniyaan" a Hindi audiobook narrated by Kishore and his team. Experience Manto's intriguing tales, where you will discover the true meaning of love and passion—a must-listen audiobook exclusively on "Audio Pitara”. These captivating stories, including "Thanda Gosht”, "Toba Tek Sin ...
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Pratinidhi Kahaniyan : Ismat Chugtai

Audio Pitara by Channel176 Productions

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Paish hai aapke liye brand new series ‘’Pratinidhi kahaniyan’’ jo likhi gayi hain ek bahut hi jaani-maani lekhika, upanyaskar,aur bahut hi achhi film nirmata Ismat Chugtai dwara. Iss series main honge 14 interesting episodes jisme aap janenge muslim dharm ke bare main,lekhika ke jeewan ke baare main aur bhi bahut kuch khaas, toh rukna kisliye? Shuru kariye sari sunana or janiye Ismat Chugtai ke bare main sirf ‘’Audio Pitara’’ par. Stay Updated on our shows at audiopitara.com and follow us on ...
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show series
 
अपरिभाषित | अजेय जुगरान बारह - तेरह के होते - होते कुछ बच्चे खो जाते हैं अपनी परिभाषा खोजते - खोजते किसी का मन अपने तन से नहीं मिलता किसी का तन बचपन के अपने दोस्तों से। ये किशोर कट से जाते हैं आसपास सबसे और अपनी परिभाषा खोजने की ऊहापोह में अपने तन पर लिखने लगते हैं सुई काँटों टूटे शीशों से एक घनघोर तनाव - अपवाद की भाषा जो आस्तीनों - मफ़लरों के नीचे…
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तमिलनाडु में इस बार भी क्या मामला वन-साइडेड होगा, AIADMK के लिए क्यों ये चुनाव लिटमस टेस्ट है, BJP ने इस बार तमिलनाडु में क्या तैयारी की है, दिल्ली शराब घोटाले में CBI की इंट्री फिर क्यों हुई, 100 करोड़ की मनी ट्रेल क्या है, क्या राष्ट्रपति शासन की तरफ बढ़ी दिल्ली, इजरायल-ईरान में क्या होगी जंग और इसका इंडिया पर क्या इम्पैक्ट हो सकता है? सुनिए आज क…
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हाथ थामना | तन्मय पाठक तुम समंदर से बेशक़ सीखना गिरना उठना परवाह ना करना पर तालाब से भी सीखते रहना कुछ पहर ठहर कर रहना तुम नदियों से बेशक़ सीखना अपनी राह पकड़ कर चलना संगम से भी पर सीखते रहना बाँहें खोल कर मिलना घुलना तुम याद रखना कि डूबना भी उतना ही ज़रूरी है जितना कि तैरना तुम डूबने उतरना दरिया में बचपने पर भरोसा करना बच पाने की उम्मीद रखना ये बताने …
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राजस्थान में पहले चरण के चुनाव में किन सीटों पर है कड़ी टक्कर, कौन से बड़े सियासी शूरमाओं का भविष्य लगा है दांव पर, राजनीतिक दलों की कैंडिडेट लिस्ट से मुस्लिम चेहरे कम क्यों होते जा रहे हैं, इंडिया में एलन मस्क कौन से बड़े प्रोजेक्ट अनाउंस कर सकते हैं और टेस्ला के लिए इंडियन मार्केट कितना तैयार है? सुनिए आज के 'दिन भर' में नितिन ठाकुर के साथ. प्रड्यू…
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हिटलर की चित्रकला | राजेश जोशी यह उम्मीस सौ आठ में उन दिनों की बात है जब हिटलर ने पेन्सिल से एक शांत गाँव का चित्र बनाया था यह सन्‌ उन्‍नीस सौ आठ में उन दिनों की बात है जब दूसरी बार वियना की कला दीर्धा ने चित्रकला के लिए अयोग्य ठहरा दिया था हिटलर को उस छोटे से चित्र पर हिटलर के हस्ताक्षर थे इसलिए इंगलैण्ड के एक व्यवसायी ने जब नीलाम किया उस चित्र को…
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आरजेडी ने कैंडिडेट लिस्ट से कौन से समीकरण साधने कोशिश की है और RJD कौन सी सीटों पर मजबूती से टक्कर दे सकती है, सपा के मेनिफेस्टो की बड़ी बातें क्या हैं, आरएलडी-सपा गठबंधन टूटने के बाद पश्चिमी यूपी के वोटरों का मूड क्या है, दिल्ली सरकार के मंत्री ने क्यों दिया इस्तीफा, कनाडा की खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में क्या है और भारत को लेकर लगाए पुराने आरोपों स…
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नई धारा एकल के इस एपिसोड में देखिए मशहूर अभिनेता ज़ाकिर हुसैन द्वारा, धर्मवीर भारती के नाटक ‘अंधा युग’ में से एक अंश। नई धारा एकल श्रृंखला में अभिनय जगत के सितारे, अपने प्रिय हिन्दी नाटकों में से अंश प्रस्तुत करेंगे और साथ ही साझा करेंगे उन नाटकों से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत यादें। दिनकर की कृति ‘रश्मिरथी’ से मोहन राकेश के नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ तक और धर…
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नदी कभी नहीं सूखती | दामोदर खड़से पौ फटने से पहले सारी बस्ती ही गागर भर-भरकर अपनी प्यास बुझाती रही फिर भी नदी कुँवारी ही रही क्योंकि, नदी कभी नहीं सूखती नदी, इस बस्ती की पूर्वज है! पीढ़ियों के पुरखे इसी नदी में डुबकियाँ लगाकर अपना यौवन जगाते रहे सूर्योदय से पहले सतह पर उभरे कोहरे में अंजुरी भर अनिष्ट अँधेरा नदी में बहाते रहे हर शाम बस्ती की स्त्रिया…
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महाराष्ट्र में सीट बंटवारे की इनसाइड स्टोरी क्या है, मुंबई में क्या कांग्रेस का दबदबा कम हो गया है, गुजरात और वेस्टर्न यूपी में क्षत्रिय समाज बीजेपी के ख़िलाफ़ क्यों प्रोटेस्ट कर रहा है और क्या बीजेपी को चुनाव में इससे कोई नुक़सान होगा? अमेरिका में क्या भारतीय छात्र रेसिज्म के शिकार हो रहे हैं और सरकार इन घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है, सु…
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दिन डूबा | रामदरश मिश्रा दिन डूबा अब घर जाएँगे कैसा आया समय कि साँझे होने लगे बन्द दरवाज़े देर हुई तो घर वाले भी हमें देखकर डर जाएँगे आँखें आँखों से छिपती हैं नज़रों में छुरियाँ दिपती हैं हँसी देख कर हँसी सहमती क्या सब गीत बिखर जाएँगे? गली-गली औ' कूचे-कूचे भटक रहा पर राह ने पूछे काँप गया वह, किसने पूछा- “सुनिए आप किधर जाएँगे?"…
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कश्मीर की एक सीट पर दो पूर्व सीएम ताल ठोक रहे हैं, ऐसे में घाटी का चुनावी माहौल क्या है और कांग्रेस के सामने क्या चुनौती है? इज़रायल ग़जा से सेना वापस क्यों बुला रहा है, इस क़दम के लिए इजरायल के आंतरिक हालात भी जिम्मेदार हैं क्या? सोना-चांदी के दाम क्यों हवा में उड़ रहे हैं और इसके दाम कब तक बढ़ते रहेंगे, सुनिए आज के 'दिन भर' में नितिन ठाकुर के साथ. …
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भारत के मोस्ट वांटेड और दहशतगर्द करार दिए गए गोल्डी बराड़ ने रूस में गैंगस्टर भुप्पी राणा के गैंग के एक मेंबर की बेरहमी से हत्या करवाई है... गोल्डी बराड़ ने एक पोस्ट कर मर्डर की जानकारी दी...अब ये कथित सोशल मीडिया पोस्ट गोल्डी बराड़ की है या नहीं ये जांच का विषय है...अपनी पोस्ट में आतंकवादी गोल्डी बराड़ ने दावा किया है कि कुख्यात गैंगस्टर भुप्पी रा…
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ठिठुरते लैंप पोस्ट | अदनान कफ़ील दरवेश वे चाहते तो सीधे भी खड़े रह सकते थे लेकिन आदमियों की बस्ती में रहते हुए उन्होंने सीख ली थी अतिशय विनम्रता और झुक गए थे सड़कों पर आदमियों के पास, उन्हें देखने के अलग-अलग नज़रिए थे : मसलन, किसी को वे लगते थे बिल्कुल संत सरीखे दृढ़ और एक टाँग पर योग-मुद्रा में खड़े किसी को वे शहंशाह के इस्तक़बाल में क़तारबंद खड़े सिपाहिय…
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ख़ुद से | रेणु कश्यप गिरो कितनी भी बार मगर उठो तो यूँ उठो कि पंख पहले से लंबे हों और उड़ान न सिर्फ़ ऊँची पर गहरी भी हारना और डरना रहे बस हिस्सा भर एक लंबी उम्र का और उम्मीद और भरपूर मोहब्बत हों परिभाषाएँ जागो तो सुबह शाँत हो ठीक जैसे मन भी हो कि ख़ुद को देखो तो चूमो माथा गले लगो ख़ुद से चिपककर कि कब से कितने वक़्त से, सदियों से बल्कि उधार चल रहा है अप…
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मेरा मोबाइल नम्बर डिलीट कर दें प्लीज़ - उदय प्रकाश सबसे पहले सिर्फ़ आवाज़ थी कोई नाद था और उसके सिवा कुछ भी नहीं उसी आवाज़ से पैदा हुआ था ब्रह्माण्ड आवाज़ जब गायब होती है तो कायनात किसी सननाटे में डूब जाती है जब आप फ़ोन करते हैं क्या पता चलता नहीं आपको कि सननाटे के महासागर में डूबे किसी बहुत प्राचीन अभागे जहाज को आप पुकार रहे हैं? मेरा मोबाइल नम्बर…
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कांग्रेस का ये मेनिफेस्टो पिछले लोकसभा चुनाव से कैसे अलग है, कांग्रेस के वादे पब्लिक सेंटीमेंट से कितने मेल खाते हैं, यूपी मदरसा एक्ट को रद्द करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से रोक क्यों लगी और प्रदेश सरकार का इस पर क्या रुख़ रहा है, NATO 75 साल का हो गया है तो ये किन परिस्थितियों में बना था और इसका विश्व में शांति स्थापित करने में कितना योगदान रहा ह…
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प्रेम में प्रेम की उम्मीद | ममता बारहठ जीवन से बचाकर ले जाऊँगी देखना प्रेम के कुछ क़तरे मुट्ठियों में भींचकर प्रेम की ये कुछ बूँदें जो बची रह जाएँगी छाया से मृत्यु की बनेंगी समंदर और आसमान मिट्टी और हवा यही बनेंगी पहाड़ और जंगल और स्वप्न नए देखना तुम यह बचा हुआ प्रेम ही बनेगा फिर नया जन्म मेरा!द्वारा Nayi Dhara Radio
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बिहार में क्या पॉलिटिकल हलचल मची हुई है, कांग्रेस में लोकसभा चुनाव से ऐन पहले भगदड़ क्यों मचने लगी है, INDIA गठबंधन को लीड करने वाली पार्टी ख़ुद के ही घर को क्यों नहीं संभाल पा रही है, दुनियाभर में कोविड के बावजूद एवरेज लाइफ एक्सपेक्टेंसी क्यों बढ़ी है, क्या कहती है ये रिपोर्ट, सुनिए आज के 'दिन भर' में नितिन ठाकुर के साथ. प्रड्यूसर - अंकित द्विवेदी स…
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दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है | विनोद कुमार शुक्ल दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है कहकर मैं अपने घर से चला। यहाँ पहुँचते तक जगह-जगह मैंने यही कहा और यही कहता हूँ कि दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है। जहाँ पहुँचता हूँ वहाँ से चला जाता हूँ। दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है— बार-बार यही कह रहा हूँ और कितना समय बीत गया है लौटकर मै…
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राहुल गांधी के इंडिया गठबंधन के साथी उनके पॉलिटिकल मोटिव पर क्यों सवाल उठा रहे हैं, वायनाड में बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट क्या राहुल गांधी को चुनौती दे पाएंगे, राउज एवेन्यू कोर्ट ने संजय सिंह की रिहाई की क्या शर्तें तय कीं, संजय सिंह आम आदमी पार्टी के लिए अब क्या रोल निभाएंगे, विस्तारा की फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह क्या है, विस्तारा अपने पैसेंजर्स…
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स्त्री को समझने के लिए - विश्वनाथ प्रसाद तिवारी कैसे उतरता है स्तनों में दूध कैसे झनकते हैं ममता के तार कैसे मरती हैं कामनाएँ कैसे झरती हैं दंतकथाएं कैसे टूटता है गुड़ियों का घर कैसे बसता है चूड़ियों का नगर कैसे चमकते हैं परियों के सपने... कैसे फड़कते हैं हिंस्र पशुओं के नथुने कितना गाढ़ा लांछन का रंग कितनी लम्बी चूल्हे की सुरंग कितना गाढ़ा सृजन का अ…
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सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी और योगगुरु रामदेव को क्यों कहा कि आपकी सरकार से मिलीभगत है और आपकी माफ़ी मान्य नहीं है, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को 6 महीने बाद जमानत मिली है, इसका आधार क्या है, शर्तें क्या हैं और क्या केजरीवाल को भी इसका फ़ायदा मिलेगा, तुर्किये में 21 साल से सत्ता में मौजूद अर्दोआन की कुर्सी क्यों लड़खड़ाती दिख रही है, सुनिए 'दिन…
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कीर्ति का विहान हूँ | स्व. कन्हैया लाल पण्ड्या ‘सुमन’ मैं स्वतंत्र राष्ट्र की कीर्ति का विहान हूँ। काल ने कहा रुको शक्ति ने कहा झुको पाँव ने कहा थको किन्तु मैं न रुक सका, न झुक सका, न थक सका क्योंकि मैं प्रकृति प्रबोध का सतत् प्रमाण हूँ कीर्ति का विहान हूँ। भीत ने कहा डरो ज्वाल ने कहा जरो मृत्यु ने कहा मरो किन्तु मैं न डर सका, न जर सका, न मर सका क्…
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अरविंद केजरिवाल अगले 15 दिनों के लिए तिहाड़ जेल में रहेंगे, केजरीवाल ने कोर्टरूम के बाहर पीएम मोदी का नाम लिया, लेकिन ED ने कोर्ट में आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम लिया, एक आइलैंड पर विवाद शुरू हो गया है, जो कभी भारत का था अब श्रीलंका का है और अभी बीजेपी के लिए क्यों मुद्दा है, आज RBI 90 साल का हो गया है, इसकी अबतक की जर्नी और सेंट्रल बैंक की फ्युच…
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माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की कब्र खोद दी गई थी..इधर गुसल देकर जनाजा तैयार था..बस किसी का इंतजार था कि वो भी आ जाए और चेहरा देख ले..लेकिन वो नहीं आई..भारी भीड़ थी मुख्तार के जनाजे में लेकिन नहीं थी तो उसकी शरीक ए हयात..उसकी बीवी अफशां... मुख्तार के जनाजे का आखिरी दीदार उसकी बीवी अफशां अंसारी को नहीं हो पाया...मुख्तार की मौत के बाद ये माना जा रहा था …
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तय तो यही हुआ था - शरद बिलाैरे सबसे पहले बायाँ हाथ कटा फिर दोनों पैर लहूलुहान होते हुए टुकड़ों में कटते चले गए ख़ून दर्द के धक्के खा-खा कर नशों से बाहर निकल आया था तय तो यही हुआ था कि मैं कबूतर की तौल के बराबर अपने शरीर का मांस काट कर बाज़ को सौंप दूँ और वह कबूतर को छोड़ दे सचमुच बड़ा असहनीय दर्द था शरीर का एक बड़ा हिस्सा तराज़ू पर था और कबूतर वाला प…
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पगडण्डियाँ - मदन कश्यप हम नहीं जानते उन उन जगहों को वहाँ-वहाँ हमें ले जाती हैं पगडण्डियाँ जहाँ-जहाँ जाती हैं पगडण्डियाँ कभी खुले मैदान में तो कभी सघन झाड़ियों में कभी घाटियों में तो कभी पहाड़ियों में जाने कहाँ-कहाँ ले जाती हैं पगडण्डियों राजमार्गों की तरह पगडण्डियों का कोई बजट नहीं होता कोई योजना नहीं बनती बस बथान से बगान तक मेड़ से मचान तक खेत से …
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घर | अज्ञेय मेरा घर दो दरवाज़ों को जोड़ता एक घेरा है मेरा घर दो दरवाज़ों के बीच है उसमें किधर से भी झाँको तुम दरवाज़े से बाहर देख रहे होंगे तुम्हें पार का दृश्य दिख जाएगा घर नहीं दिखेगा। मैं ही मेरा घर हूँ। मेरे घर में कोई नहीं रहता मैं भी क्या मेरे घर में रहता हूँ मेरे घर में जिधर से भी झाँको...द्वारा Nayi Dhara Radio
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मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गाजीपुर में हालात कैसे हैं, माफिया डॉन से नेता बने इस शख़्स का सियासी सफर कैसा रहा, बिहार के महागठबंधन में पार्टियों के बीच कैसे बात बनी, पूर्णिया सीट के लिए अड़े पप्पू यादव के लिए अब क्या रास्ता है, बांग्लादेशी अवाम ‘इंडिया आउट कैंपेन’ ट्रेंड को लेकर कितना सीरियस है और नई दिल्ली हसीना को बैक कर रही है क्या, सुनिए 'दिन भर…
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अभुवाता समाज | रूपम मिश्र वे शीशे-बासे से नहीं हरी कनई मिट्टी से बनी थीं जिसमें इतनी नमी थी कि एक सत्ता की चाक पर मनचाहा ढाल दिया जाता नाचती हुई एक स्त्री को अचानक कुछ याद आ जाता है सहम कर खड़ी हो जाती है माथे के पल्‍्लू को और खींच कर दर्द को दबा कर एक भरभराई-सी हँसी हँसती है हमार मालिक बहुत रिसिकट हैं हमरा नाचना उनका नाहीं नीक लगता साथ पुराती दूसर…
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में केजरीवाल की हिरासत को लेकर आज क्या सुनवाई हुई, ईडी की हिरासत से सरकार चलाना क्या ये नैतिकता का मामला है और इस पर कानून क्या कहता है, मेनका गांधी की कांग्रेस से एग्जिट और बीजेपी में इंट्री कैसे हुई थी, वरुण गांधी को को कब लगा कि टिकट कट ही जायेगा, निर्मला सीतारमण का बयान क्या इस बार सरकार से एग्जिट लेने के संकेत है, …
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हम औरतें हैं मुखौटे नहीं - अनुपम सिंह वह अपनी भट्ठियों में मुखौटे तैयार करता है उन पर लेबुल लगाकर सूखने के लिए लग्गियों के सहारे टाँग देता है सूखने के बाद उनको अनेक रासायनिक क्रियाओं से गुज़ारता है कभी सबसे तेज़ तापमान पर रखता है तो कभी सबसे कम ऐसा लगातार करने से अप्रत्याशित चमक आ जाती है उनमें विस्फोटक हथियारों से लैस उनके सिपाही घर-घर घूम रहे हैं क…
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केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज क्या-क्या हुआ, कल केजरीवाल की ईडी रिमांड खत्म हो रही है तो अब कानूनी लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ रही है, दिल्ली विधानसभा का आज स्पेशल सत्र बुलाया गया वहां क्या हुआ, महा विकास अघाड़ी में किन सीटों की वजह से क्लेश मचा हुआ है, कांग्रेस और शिवसेना में बात क्यों बिगड़ी, प्रकाश आंब…
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नई धारा एकल के इस एपिसोड में देखिए मशहूर अभिनेता विपिन शर्मा द्वारा, राजेंद्र यादव द्वारा अनुदित आल्बेयर कामू के उपन्यास ‘अजनबी’ में से एक अंश। नई धारा एकल श्रृंखला में अभिनय जगत के सितारे, अपने प्रिय हिन्दी नाटकों में से अंश प्रस्तुत करेंगे और साथ ही साझा करेंगे उन नाटकों से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत यादें। दिनकर की कृति ‘रश्मिरथी’ से मोहन राकेश के नाट…
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क्रांतिपुरुष | चित्रा पँवार कल रात सपने के बगीचे में हवाखोरी करते भगत सिंह से मुलाकात हो गई मैंने पूछा शहीव-ए-आज़म! तुम क्रांतिकारी ना होते तो क्‍या होते? वह ठहाका मारकर हँसे फिर भी क्रांतिकारी ही होता पगली ! खेतों में धान त्रगाता हल चलाता और भूख के विरुद्ध कर देता क्रांति मगर सोचो अगर खेत भी ना होते तुम्हारे पास! तब क्‍या करते!! फिर,,ऐसे में कल्रम…
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BJP और AAP में किसका प्रोटेस्ट ज़्यादा दमदार रहा, केजरीवाल के “निर्देश” पर विवाद जारी, सोशल मीडिया कैंपेन ‘मैं भी केजरीवाल’ चलाने के पीछे आम आदमी पार्टी की रणनीति क्या , बीजेपी-अकाली दल के गठबंधन में कहां बात फंस गई, इजराइल-हमास में युद्ध विराम का रेजोल्यूशन पास होने के बाद क्या होगा और अमेरिका ने रेजोल्यूशन पर वीटो क्यों नहीं किया? क्या इजरायल-अमे…
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शीतलहरी में एक बूढ़े आदमी की प्रार्थना | केदारनाथ सिंह ईश्वर इस भयानक ठंड में जहाँ पेड़ के पत्ते तक ठिठुर रहे हैं मुझे कहाँ मिलेगा वह कोयला जिस पर इन्सानियत का खून गरमाया जाता है एक ज़िन्दा लाल दहकता हुआ कोयला मेरी अँगीठी के लिए बेहद ज़रूरी और हमदर्द कोयला मुझे कहाँ मिलेगा इस ठंड से अकड़े हुए शहर में जहाँ वह हमेशा छिपाकर रखा जाता है घर के पिछवाड़े या …
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बीजेपी को चर्चित चेहरों की जरूरत क्यों पड़ रही है, बड़े नेताओं के टिकट कटने के पीछे की कहानी क्या है, वरुण गांधी बीजेपी से बगावत क्यों नहीं करेंगे, केजरीवाल क्या जेल से सरकार चला पाएंगे, सुनीता केजरीवाल की राजनीति में इंट्री हो सकती है क्या, हिंद महासागर में चीनी जासूसी जहाज क्या भारत के लिए चिंता के विषय हैं, इस पर श्रीलंका का क्या रूख है और ऐसी घ…
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तुम अपने रँग में रँग लो तो होली है | हरिवंशराय बच्चन तुम अपने रँग में रँग लो तो होली है। देखी मैंने बहुत दिनों तक दुनिया की रंगीनी, किंतु रही कोरी की कोरी मेरी चादर झीनी, तन के तार छूए बहुतों ने मन का तार न भीगा, तुम अपने रँग में रँग लो तो होली है। अंबर ने ओढ़ी है तन पर चादर नीली-नीली, हरित धरित्री के आँगन में सरसों पीली-पीली, सिंदूरी मंजरियों से ह…
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दिल्ली में भारी बवाल उस खबर के बाद शुरू हुआ जब लोगों को एक ऐसी वारदात के बारे में मालूम चला जो सन्न कर देने वाली थी... राजधानी दिल्ली में एक मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की वारदात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, ट्यूशन पढ़ने गई चार साल की बच्ची के साथ एक 34 साल के शख्स ने दुष्कर्म किया। ये दिल्ली के बेहद घनी आबादी वाले पांडव नगर इलाके की घटना है। व…
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धरती का शाप | अनुपम सिंह मौत की ओर अग्रसर है धरती मुड़-मुड़कर देख रही है पीछे की ओर उसकी आँखें खोज रही हैं आदिम पुरखिनों के पद-चिह्न उन सखियों को खोज रही हैं जिनके साथ बड़ी होती फैली थी गंगा के मैदानों तक उसकी यादों में घुल रही हैं मलयानिल की हवाएँ जबकि नदियाँ मृत पड़ी हैं उसकी राहों में नदियों के कंकाल बटोरती मौत की ओर अग्रसर है धरती वह ले जा रही …
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पीत कमल | नन्दकिशोर आचार्य जल ही जल की नीली-दर-नीली गहराई के नीचे जमे हुए काले दलदल ही दलदल में अपनी ही पूँछ पर सर टिका कर सो रहा था वह : उचटा अचानक भूला हुआ कुछ कहीं जैसे सुगबुगाने लगे। कुछ देर उन्मन, याद करता-सा उसी बिसरी राग की धुन जल के दबावों में कहीं घुटती हुई एक-एक कर लगीं खुलने सलवटें सारी तरंग-सी व्याप गयी जल में : अपनी ही पूँछ के बल खड़ा …
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सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी पर आज PMLA कोर्ट में क्या-क्या हुआ, केजरीवाल की लीगल टीम की स्ट्रेटजी क्या है और उनकी अरेस्ट का पॉलिटिकल इम्पैक्ट क्या होगा, सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती के बाद चुनावी चंदे के राज़ से पर्दा हट गया है, किसको कितना पैसा मिला और इसमें क्या नया एंगल निकल कर सामने आया, मध्य प्रदेश के धार ज़िले की भोजशाला पर रार मचा हुआ है, इसक…
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उनका जीवन | अनुपम सिंह ख़ाली कनस्तर-सा उदास दिन बीतता ही नहीं रात रज़ाइयों में चीख़ती हैं कपास की आत्माएँ जैसे रुइयाँ नहीं आत्माएँ ही धुनी गई हों गहरी होती बिवाइयों में झलझलाता है नर्म ख़ून किसी चूल्हे की गर्म महक लाई है पछुआ बयार अंतड़ियों की बेजान ध्वनियों से फूट जाती है नकसीर भूख और भोजन के बीच ही वे लड़ रहे हैं लड़ाई बाइस्कोप की रील-सा बस! यहीं उलझ गय…
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सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी फैक्ट चेक यूनिट पर रोक लगा दी है. इसे बनाने के पीछे सरकार की मंशा क्या थी और फैक्ट चेक यूनिट पर किस आधार पर रोक लगाई गई, कांग्रेस के खाते इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्यों फ्रीज कर दिए और क्या पार्टी इससे अपने लिए कोई सिम्पैथी गेन कर पाएगी, कल से IPL का आगाज़ होगा, टीमों के कप्तान और कोच बदलने से क्या किस्मत भी बदलेगी, पर्पल औ…
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लेकर सीधा नारा | शमशेर बहादुर सिंह लेकर सीधा नारा कौन पुकारा अंतिम आशाओं की संध्याओं से? पलकें डूबी ही-सी थीं— पर अभी नहीं; कोई सुनता-सा था मुझे कहीं; फिर किसने यह, सातों सागर के पार एकाकीपन से ही, मानो—हार, एकाकी उठ मुझे पुकारा कई बार? मैं समाज तो नहीं; न मैं कुल जीवन; कण-समूह में हूँ मैं केवल एक कण। —कौन सहारा! मेरा कौन सहारा!…
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पप्पू यादव ने अपने पार्टी का विलय कांग्रेस में ही क्यों किया आरजेडी में क्यों नहीं, कांग्रेस में उनके आने से सीमांचल में कौन से समीकरण बनेंगे, बीजेपी-बीजेडी को गठबंधन की जरूरत क्यों है, गठबंधन की गांठ अटक कहां रही है, योगगुरु रामदेव को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों तलब किया है, क्या है ये पूरा मामला और वो कौन से इंटर्नल और एक्सटर्नल फैक्टर्स हैं जो हमारी …
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आज़ादी अभी अधूरी है- सच है यह बात समझ प्यारे। कुछ सुविधाओं के टुकड़े खा- मत नौ-नौ बाँस उछल प्यारे। गोरे गैरों का जुल्म था कल अब सितम हमारे अपनों का ये कुछ भी कहें, पर देश बना नहीं भीमराव के सपनों का। एक डाल ही क्यों? एक फूल ही क्‍यों? सारा उद्यान बदल प्यारे। आज़ादी अभी अधूरी है। सच है ये बात समझ प्यारे। है जिसका लहू मयखाने में वो वसर आज तसना-लव है …
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एनडीए से बाहर निकले चिराग पासवान के चाचा और सांसद पशुपति पारस के पाला बदलने की चर्चा जोरों पर है, सवाल है कि पशुपति पारस खेमे के सीटिंग सांसदों का अब क्या होगा और हाजीपुर में चाचा भतीजे के बीच मुकाबला हुआ तो कौन किस पर भारी पड़ेगा, प्रधानमंत्री मोदी मिशन साउथ छेड़े हुए हैं तो इस मिशन से वो कितना असर छोड़ पाए हैं, आमिर खान की मशहूर फिल्म '3 इडियट्स'…
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मैंने देखा | ज्योति पांडेय मैंने देखा, वाष्प को मेघ बनते और मेघ को जल। पैरों में पृथ्वी पहन उल्काओं की सँकरी गलियों में जाते उसे मैंने देखा। वह नाप रहा था जीवन की परिधि। और माप रहा था मृत्यु का विस्तार; मैंने देखा। वह ताक रहा था आकाश और तकते-तकते अनंत हुआ जा रहा था। वह लाँघ रहा था समुद्र और लाँघते-लाँघते जल हुआ जा रहा था। वह ताप रहा था आग और तपते-त…
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