show episodes
 
*कहानीनामा( Hindi stories), *स्वकथा(Autobiography) *कवितानामा(Hindi poetry) ,*शायरीनामा(Urdu poetry) ★"The Great" Filmi show (based on Hindi film personalities) मशहूर कलमकारों द्वारा लिखी गयी कहानी, कविता,शायरी का वाचन व संरक्षण ★फिल्मकारों की जीवनगाथा ★स्वास्थ्य संजीवनी
 
R
Rajiv dixit

1
Rajiv dixit

rajiv dixit

Unsubscribe
Unsubscribe
मासिक
 
राजीव दीक्षित जी को शब्दो में बयान नहीं किया जा सकता !! उन्हें जानने के लिए उनके mp3 देखे ! उनके विचारो को समझे ! उसके बाद आप भी यही कहेंगे की राजीव दीक्षित जी को शब्दो में बयान नहीं किया जा सकता है !! राजीव भाई के सभी mp3 औडियो आप यहाँ सुन सकते हो
 
T
The Mr.Hind Show

1
The Mr.Hind Show

Mr. Hind Creation PRASHANT JOSHI

Unsubscribe
Unsubscribe
मासिक
 
This Is The 1st Episode Of My Poadcast Channel , Here You Get Many Valuable And Knowledgeable Information Who Change Your Life Your Mindset. here You Lern How To Be A Motivated All Time So Connecting With Me And Make Your Life As You Wish. You Can Also Find Us On Instagram As a :Mr. hind Official, On Fb:Prashant Joshi On Google Mr. hind Creation . Thanks My All Lovely Audience Thanks A Lot
 
Loading …
show series
 
एक सपना और था जिसने मेरी उठती जवानी को अपने धागों में लपेट लिया था। हर तीसरी या चौथी रात देखती थी कोइ दो मंज़िला मकान है, वो बिलकुल अकेला ,आसपास कोइ बस्ती नहीं ,चारो ओर जंगल है और जहाँ वो मकान है उसके एक तरफ नदी बहती है...... नदी की ओर उस मकान की दूसरी मंज़िल की एक खिड़की खुलती है। जहाँ कोई खड़ा खिड़की से बाहर जंगल के पेड़ों व नदी को देख रहा है। मुझे सिर…
 
छोटी-छोटी कहानियां, वो कहानियां जो हम पढ़ते है सोशल मीडिया के बड़े बड़े प्लेटफ़ॉर्मस पर, छोटी छोटी कहानियां हमारे जीवन का आईना होती हैं ,इनमें हमारा अक्स दिखता है। छोटी छोटी कहानियां हमें बड़ी बड़ी सीख दी जाती हैं। सुनिये छोटी सी कहानी "खुशियों भरी पासबुक"
 
जनता की बदहाली और आर्मी में असंतोष का कैसे उठाया हिटलर ने फायदा और बन गया दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह |द्वारा Earshot Media
 
जानिये कैसे तानाशाह हिटलर ने पोलिटिकल पार्टी की अंदरूनी भेदभाव और कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया और 1935 में अपनी नई कानून को लागु कर राज करने लगा |द्वारा Earshot Media
 
जानिए नार्थ कोरिया के पूर्व तानाशाह किम जोंग इल की कहानी जिसने पूरे नार्थ कोरिया को आतंकित कर दिया |द्वारा Earshot Media
 
क्यों छिपाई बेनितो मुसोलिनी ने अपनी पहचान सुनिए तानाशाह मुसोलिनी की पूरी जीवनी ।द्वारा Earshot Media
 
व्लादिमीर लेनिन की मौत के बाद कैसे जोसेफ़ स्टालिन ने कम्युनिस्ट पार्टी में अपनी पकड़ मज़बूत की और बन गया तानाशाह, सुनिए पूरी कहानी इस एपिसोड में |द्वारा Earshot Media
 
तानाशाह जोसेफ़ स्टालिन एक ऐसा पिता था जिसने अपने परिवार तक को नहीं बख़्शा, सुनिए पूरी कहानी इस एपिसोड में |द्वारा Earshot Media
 
कैसे बना किम जोंग उन नार्थ कोरिया का सुप्रीम लीडर ? जानिए इसके पीछे का राज़ इस एपिसोड में |द्वारा Earshot Media
 
सनकी तानाशाह के राज्य में अगर किसी के पास बाइबल मिलती है तो उससे मौत के घाट उतार दिया जाता है, जानिए पूरी कहानी इस एपिसोड में ।द्वारा Earshot Media
 
सद्दाम के बड़े बेटे उदय हुसैन की क्रूरता के किस्सों के आगे सद्दाम फरिश्ता जान पड़ेगा। कहते हैं उदय की क्रूरता से एक बार सद्दाम खुद भी शर्मिंदा हो गया था ऐसा क्या हुआ था सुनिए पूरी कहानी इस एपिसोड में ।द्वारा Earshot Media
 
लीबिया पर चार दशक तक शासन करने वाले मुअम्मर अल-गद्दाफ़ी का पतन कैसे हुआ? सुनिए तानाशाह के इस एपिसोड में!द्वारा Earshot Media
 
कैसे एक हैंडसम सैन्य अफसर बन गया दुनिया के सबसे दुष्ट तानाशाहों में से एक, जानिए इस एपिसोड में!द्वारा Earshot Media
 
तानाशाह के इस एपिसोड में सुनिए चाईनीज़ कम्युनिस्ट लीडर माओ ज़ेदोंग के बारे में जिनकी ख़राब पॉलिसीज की वजह से लाखों लोग मौत का शिकार हो गए.द्वारा Earshot Media
 
जानिए माओ ज़ेदोंग की द ग्रेट लीप फॉरवर्ड योजना ने कैसे चीन को महाशक्ति बनाने के बजाय बरसों पीछे धकेल दिया.द्वारा Earshot Media
 
एक ऐसा तानाशाह जिसने केवल चार साल के शासनकाल में बीस लाख लोगों को मौत के घाट उतार दिया, सुनिए तानाशाह पोल पॉट की कहानी |द्वारा Earshot Media
 
कैसे पोल पॉट के नेतृत्व में ख़मेर रूज के शासन के दौरान सैकड़ों लोग रोज़ मौत के मुंह में जा रहे थे, जानिये इस एपिसोड में!द्वारा Earshot Media
 
महारानी एलिज़ाबेथ जिस युवक से मन ही मन प्यार करती हैं ,उसे जब समुद्री जहाज़ देकर काम सौंपती हैं ,तो दूरबीन लगाकर जाते हुए जहाज़ को देखकर परेशान हो जाती हैं । देखती हैं कि नौजवान प्रेमिका भी जहाज़ पर उसके साथ है। वे दोनों डैक पर खड़े हैं ,उस समय महारानी को परेशान देखकर उसका एक शुभचिंतक कहता है ,'मैडम ! लुक ए बिट हायर !' ऊपर ,उस नवयुवक और उसकी प्रेमिका के…
 
किसी बहुत ऊंची ईमारत के शिखर पर मैं अकेले खड़े हो कर अपने हाथ में लिए हुए कलम से बातें कर रही थी --- 'तुम मेरा साथ दोगे ? --कितने समय मेरा साथ दोगे ?'अचानक किसी ने कसकर मेरा हाथ पकड़ लिया। 'तुम छलावा हो ,मेरा हाथ छोड़ दो।' मैंने कहा , और ज़ोर से अपना हाथ छुड़ाकर उस ईमारत की सीढ़ियां उतरने लगी। मैं बड़ी तेज़ी से उतर रही थी , पर सीढ़ियां ख़त्म होने में नहीं आत…
 
कहते हैं एक औरत थी। उसने बड़े सच्चे मन से किसी से मोहब्बत की। एक बार उसके प्रेमी ने उसके बालों में लाल गुलाब का फूल अटका दिया। तब औरत ने मोहब्बत के बड़े प्यारे गीत लिखे। 'वह मोहब्बत परवान नहीं चढ़ी। उस औरत ने अपनी ज़िंदगी समाज के गलत मूल्यों पर न्योछावर कर दी। एक असहाय पीड़ा उसके दिल में घर कर गयी,और वह सारी उम्र अपनी कलम को उस पीड़ा में डुबो कर गीत लिखत…
 
लाहौर में जब कभी साहिर मिलने के लिए आता था ,तो जैसे मेरी ही ख़ामोशी में से निकला हुआ खामोशी का एक टुकड़ा कुर्सी पर बैठता था और चला जाता था..... वह चुपचाप सिगरेट पीता रहता था ,कोई आधी सिगरेट पी कर राखदानी में बुझा देता था ,फिर नयी सिगरेट सुलगा लेता था ,और उसके जाने के बाद केवल सिगरटों के बड़े -बड़े टुकड़े कमरे में रह जाते थे। कभी ... एक बार उसके हाथ को छ…
 
दुखों की कहानियां कह -कहकर लोग थक गए थे ,पर ये कहानियां उम्र से पहले ख़त्म होने वाली नहीं थीं। मैंने लाशें देखी थीं ,लाशों जैसे लोग देखे थे ,और जब लाहौर से आकर देहरादून में पनाह ली ,तब नौकरी की और दिल्ली में रहने के लिए जगह की तलाश में दिल्ली आयी ,और जब वापसी का सफर कर रही थी ,तो चलती हुई गाड़ी में ,नींद आंखों के पास नहीं फाटक रही थी..... गाड़ी के बाह…
 
एक लंबा और सांवला सा साया था ,जब मैंने चलना सीखा ,तो मेरे साथ साथ चलने लगा। एक दिन वो आया ,तो उसके हाथ में एक काग़ज़ था ,उसकी नज़्म का। उसने नज़्म पढ़ी और वो काग़ज़ मुझे देते हुए जाने क्यों उसने कहा --" इस नज़्म में जिस जगह का ज़िक्र है ,वो जगह मैंने कभी देखी नहीं, और नज़्म में जिस लड़की का ज़िक्र है , वो लड़की कोइ और नहीं....." मैं काग़ज़ लौटाने लगी ,तो उसने कहा…
 
सुरेंद्र दिल ही दिल में बहुत ख़फ़ीफ़ हो रहा था,उसने एक बार बुलंद आवाज़ में उस लड़की को पुकारा ,"ए लड़की !" लड़की ने फिर भी उसकी तरफ न देखा. झुंझला कर उसने अपना मलमल का कुरता पहना और नीचे उतरा।जब उस लड़की के पास पहुंचा तो वो उसी तरह अपनी नंगी पिंडली खुजला रही थी. सुरेंद्र उसके पास खड़ा हो गया। लड़की ने एक नज़र उसकी तरफ देखा और सलवार नीची करके अपनी पिंडली ढांप …
 
ख़ुदा की जिस साज़िश ने यह सोलहवां वर्ष किसी अप्सरा की तरह भेज कर मेरे बचपन की समाधि भंग की थी, उस साज़िश की मैं ऋणी हूँ,क्योंकि उस साज़िश का संबंध केवल एक वर्ष से नहीं था, मेरी सारी उम्र से है।----अमृता प्रीतम,{रसीदी टिकट,---पाठ-6 ,सोलहवाँ साल
 
बाहर जब शारीरिक तौर पर मेरी बचकानी उम्र उनके पितृ -अधिकार से टक्कर न ले सकती ,तब मैं आलथी -पालथी मार के बैठ जाती ,आँखें मीच लेती ,पर अपनी हार को अपने मन का रोष बना लेती ---'आँख मीच कर अगर मैं ईश्वर का चिंतन न करूँ ,तो पिता जी मेरा क्या कर लेंगे ? जिस इश्वर ने मेरी वह बात नहीं सुनी,अब मैं उससे कोई बात नहीं करूंगी। उसके रूप का भी चिंतन नहीं करूंगी। अ…
 
केदार शर्मा हिंदी फिल्म जगत की नीव का पत्थर कहे जाते हैं। मूक फिल्मों के दौर से लेकर सन 1990 दशक तक हिंदी सिनेमा के हर दौर के साक्षी रहे केदार शर्मा फिल्मों के हर पक्ष के जानकार थे। अभिनेता ,फिल्म निर्माता- निर्देशक लेखक और गीतकार केदार शर्मा बहुमुखी प्रतिभा के धनी फनकार हुए हैं। केदार शर्मा पर केंद्रित "द ग्रेट" फ़िल्मी शो के इस अंक में आप केदार शर…
 
ये एक वह पल है .... ...... रसोई में नानी का राज होता था ,सबसे पहला विद्रोह मैंने उसी के राज में किया ........ न नानी जानती थी न मैं , की बड़े होकर ज़िन्दगी के कई बरस जिससे मैं इश्क़ करुँगी वह उसी मज़हब का होगा ,जिस मज़हब के लोगों के लिए घर के बर्तन भी अलग रख दिए जाते थे ------अमृता प्रीतम ,रसीदी टिकट (पाठ -३ )…
 
क्या ये क़यामत का दिन है ? ..... ज़िन्दगी के कई पल जो वक़्त की कोख से जन्मे ,और वक़्त की क़ब्र में गिर गए ,आज मेरे सामने खड़े हैं ⋯ये सब क़ब्रें कैसे खुल गईं ?..... और ये सब पल जीते जागते क़ब्रों में से कैसे निकल आये ? .... ये ज़रूर क़यामत का दिन है ..... ये 1918 की क़ब्र में से निकला एक पल है -----मेरे अस्तित्व से भी एक बरस पहले का। आज पहली बार देख रही हूँ ,…
 
ज़िन्दगी जाने कैसी किताब है......जिसकी इबारत अक्षर-अक्षर बनती है ..... ,और फिर अक्षर-अक्षर टूटती . .बिखरती.. और बदलती है .... और चेतना की एक लम्बी यात्रा के बाद एक मुकाम आता है ,जब अपनी ज़िंदगी के बीते हुए काल का .. उस काल के हर- हादसे का . .. उसकी हर सुबह की निराशा का .. उसकी हर दोपहर की बेचैनी का ... उसकी हर संध्या की उदासीनता का ... और उसकी जागती …
 
पंजाबी व हिंदी भाषा की सशक्त लेखिका व कवियत्री अमृता प्रीतम की आत्मकथा पाठक व श्रोता को उस दुनिया में विचरण कराती है जहाँ सपनों का काल्पनिक संसार मूर्त रूप में घटित होता है। उनका ये संसार किसी को बंधक नहीं बनाता बल्कि विश्वास की डोर थाम कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अंतरात्मा के लिए ये मुक्ति जितनी सहज और सरल है उतनी कठिन भी है ,जितनी सामाजिक है उत…
 
महानगरीय जीवन के आपाधापी भरे जीवन के बीच मानवीय संवेदनाओं के स्पंदन की कहानी है "खोल दो बंद दरवाज़ा" मशहूर पत्रकार व लेखिका जयंती रंगनाथन द्वारा लिखित ये कहानी हृदय के गुबार को चीर कर मन के दरवाजों को खोलने व उन्मुक्त उड़ान का संदेश देती है।
 
विद्यार्थी नीतीश से छात्र जीवन के राजनीति तकद्वारा Earshot Media
 
Learning Cell Structure and Functions in Science is very important. It gives us the very micro information about cells. Knowing Cell Structure and Its Functions help us to understand essence knowledge of biology. This recording made available for you by Science teacher Miss. Varsha Koli ma'am and published by Mr. Amol Pandit sir. Enjoy Happy Learni…
 
Loading …

त्वरित संदर्भ मार्गदर्शिका

Google login Twitter login Classic login