Hubhopper सार्वजनिक
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सबसे अच्छा Hubhopper पॉडकास्ट हम पा सकते हैं (अपडेट किया गया अगस्त 2020)
सबसे अच्छा Hubhopper पॉडकास्ट हम पा सकते हैं
अपडेट किया गया अगस्त 2020
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show episodes
 
Kavitaayein hamesha se logon ke dilon ko chooti rahi hain iska proof aap abhi tak ki literature history palat kar dekh sakte hain especially agar woh kisi mahaan creator ya writer ki ho toh. hubhopper lekar aaya hai apni ye nayi podcast series jiske through hum aap tak pahuchayenge kuch puraani hindi rachnaayein jo aaj ke daur mein bhi kaafi sahi hain aur inse aap relate bhi kar payenge.
 
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show series
 
सारा कुछ हमारे देखने के नज़रिए में है , मैं किसी की कहानी में हीरो हूं तो किसी की कहानी में खलनायक ।एक ही व्यक्ति दोनों ही किरदार निभाता चला जाता है ।मैने खुद को हीरो से खलनायक में बदलते देखा है बोहोत करीब से । आशा है इसे आप भी महसूस कर पाएंगे ।द्वारा Rohit Mandal
 
किसी का किसी के साथ होना ना होना उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर निर्भर करता है , अगर कोई चीज आज भी उसको मुझसे जोड़ कर रखती है तो उसका बार बार सामने आना ज़िन्दगी में मौसम के बदलाव की तरह होना चाहिए ।द्वारा Rohit Mandal
 
हम किसी को करीब से जाने बिना उसके बारे में बात नहीं कर सकते । मेरी मां को सुशांत में मैं दिखता हूं , इसलिए मैं भी इस बहती गंगा में शामिल हो गया , ना चाहते हुए भी। अगर मेरी बातो से तुम सहमत नहीं हो तो तुम अपना भाव प्रकट कर सकते हो , मुझे बुरा नहीं लगेगा । मगर ध्यान रहे इससे किसी और को नुक़सान ना हो । वो था , वो है और वो रहेगा ... हमेशा ।…
 
बुरा वक़्त कभी ख़त्म नहीं होता , उसे बरकरार रखने के लिए हम इस दुनिया में दीमक कि तरह हैं । जो कुछ भी हो रहा है और जो होगा , उसके ज़िम्मेदार और दोशी हम ख़ुद है।द्वारा Rohit Mandal
 
रफ कॉपी हर किसी के लिए खास है , उसमे सपनों की उड़ान भी है तो ज़िंदगी के असल हालात भी | कुछ शरारते भी है तो कुछ हक़ीक़त भी | कही बहुत सारा प्यार है तो कही बहुत सारी तकरार | इसमे कही बात बचपन के उस स्वेटर की तरह ही है जो अब हमे फिट तो नहीं आता पर हमे प्यारा बहुत है | उम्मीद करता हूँ ये रफ़ कॉपी आपको अपनी उसी रफ़ कॉपी की याद दिलाएगी |…
 
हो सकता है मै गलत हूं , पर सही भी हो सकता हूं ।ये सिर्फ समझने वाले के ऊपर है , कौन इसको कैसे साझता है सही या ग़लत । आपकी राय में सही क्या है और गलत क्या मुझे ज़रूर बताएं , क्या पता आपके विचार मेरे अगले एपिसोड में हो ?द्वारा Rohit Mandal
 
हर चीज़ की एक उम्र होती है , मेरी इस कहानी की भी उम्र है । आपको बता दूं मेरी ये काल्पनिक कहानी सच्ची कहानी के अधूरे हिस्से से बनी है । पर इसमें जो कुछ भी हुआ वो पूरा का पूरा काल्पनिक नहीं है । इसे सुनो पता चल जाएगा , और हां बताना ज़रूर कैसा लगा।द्वारा Rohit Mandal
 
एक छोटी सी कविता , मैने इसमें अलविदा लिखने कि कोशिश की है । यकीन मानिए बोलने से कहीं आसान होता है लिखना। मेरा कायर होना ही इस कविता का कारण है , क्या करूं मै कभी किसी को अलविदा बोल ही नहीं पाया ।शायद आपके के साथ भी ऐसा ही होता होगा। होता है क्या ?द्वारा Rohit Mandal
 
मेरे कई रिश्ते है चांद के साथ , शायद तुम्हारा भी कोई रिश्ता हो। अगर है तो इसे महसूस ज़रूर करना , हो सके तो चांद को देखते हुए इसे सुनना।द्वारा Rohit Mandal
 
बोहोत मुश्किल होती है । फ़िर से शुरू करना हो , या अंत करना हो। तुमसे बात करना मेरी मजबूरी नहीं है , बस अच्छा लगता है। मैने सोचा था इस बार मै कुछ और लिखूंगा पर प्रेम आज भी अधूरा था तो फिर से इसे लिख दिया।द्वारा Rohit Mandal
 
इसका नाम सुनकर जैसा आपने सोचा होगा शायद यह वैसा नहीं बना । अगर आपको इसे समझने मैं थोड़ी दिक्कत हो तो यूं समझ लेना कि यह आवाज आपकी ही है।द्वारा Rohit Mandal
 
वो मै जिसे मै बोहोत पीछे छोड़ आया हूं , और वो मै जो मै अब हूं । ये कविता इन दोनों मै के बीच में कहीं है। वैसा जैसे कि हम किसी नोट बुक लिखते चलेजा रहे हो और बाद में हमें एहसास हो कि हमने पीछे कहीं बीच में दो पन्ने खाली छोड़ दिए हैं ।उम्मीद है आपको समझ में आ गई होगी।द्वारा Rohit Mandal
 
एक छोटी सी जान जिसे मैने बचाने की पूरी कोशिश की थी , पर नही बचा पाया । कब तक हम यूँही किसी की जान लेते रहेंगे ? एपिसोड सुनने के बाद , वक़्त निकाल कर ज़रा सोचना ज़रूर।द्वारा Rohit Mandal
 
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