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शिव अमृतवाणी भगवान भोलेनाथ की बहुत ही सूंदर और पावन वंदना है। इसमें शिव महिमा का पूर्ण वर्णन है जिसे सुनकर भक्त उनकी आराधना करते है। इसमें भोले नाथ के अलग अलग रूपों का सम्पूर्ण दर्शन कर सकते है।
 
कबीरदास भारत के रहस्यवादी कवि और संत थे. उन्होंने कभी कागज कलम को छुआ नहीं था लेकिन लोगों को रास्ता दिखाने वाले संत के रूप में जाने गए. संत कबीर सिर्फ एक संत ही नहीं विचारक और समाज सुधारक भी थे. उनकी अमृतवाणी से कई लोगों को जीवन जीने की सीख मिली है. उनकी बातें जीवन में सकारात्मकता लाती हैं.
 
श्री हरि विष्णु के सातवे अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की चालीसा का पाठ करने से सभी भक्तो की समस्त समस्याएं धीरे धीरे समाप्त हो जाती है। राम चालीसा का नित्य पाठ करने से व्यक्ति का मन शांत होता है और उसमें ज्ञान - विवेक का विकास होता है। तो चलिए सुनते है रघुकुलनंदन प्रभु श्री राम जी की चालीसा।
 
"अम्बे तू है जगदम्बे काली" माता की विख्यात आरती है। इसके गायन से माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माँ के विभिन रूपों की स्तुति आप इस आरती के माध्यम से कर सकते है। आइये सुनते है माँ की पावन आरती।
 
राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, और इन्हें श्रीराम और श्रीरामचन्द्र के नामों से भी जाना जाता है। रामायण में वर्णन के अनुसार अयोध्या के सूर्यवंशी राजा, चक्रवर्ती सम्राट दशरथ ने पुत्र की कामना से यज्ञ कराया जिसके फलस्वरूप उनके पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम का जन्म देवी कौशल्या के गर्भ से अयोध्या में हुआ था।
 
भगवान राम के अनन्य सेवक श्री हनुमानजी अपने भक्तों पर आने वाले सभी संकटों को हर लेते हैं। तभी उनको संकट मोचक भी कहा जाता है। प्रत्येक भक्त को हनुमान जी की पूजा करने के बाद अंत में रोज उनकी आरती करनी चाहिए। कहा जाता है कि मंगलवार को हनुमान जी की आरती करने से हनुमान जी अत्यंत खुश होते हैं। उनकी पावन आरती करने से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं और घर में सुख - समृद्धि आती है।
 
सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान मंत्रों के उच्चारण पर विशेष बल दिया जाता है। भगवान शिव की पूजा में कोई विशेष नियम नहीं होते। बल्कि भोले नाथ तो सिर्फ अपने भक्तो के द्वारा किये गए उनके मंत्र के उच्चारण से ही प्रसन हो जाते है। अगर भक्‍त सच्‍चे मन से इनका नाम भी पुकार ले तो भोले भंडारी उसकी हर मनोकामना पूरी कर देते है। इसलिए आइये और सुने शिवे जी की पावन आरती।
 
ॐ महालक्मी नमो नमः मंत्र के जाप करने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती है और भक्तो पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखती है। इस मंत्र का अनुवाद है: "ओम। हम श्री महा विष्णु की पत्नी, महान देवी श्री लक्ष्मी का ध्यान करें। वह तेजोमय महा लक्ष्मी देवी हमारे मन को समझ से प्रेरित और प्रकाशित करें।" नियमित रूप से इस मंत्र के पवित्र संस्कृत शब्दों को सुनने से भक्तो को सुख समृदि की प्राप्ति होती है। आइये सुनते है महालक्मी जी के चमत्कारिन मंत्र को।
 
हनुमान चालीसा की सैंतीसवी चौपाई “जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाई।।” में तुलसीदास जी कहते है "हे स्वामी हनुमानजी। आपकी जय हो, जय हो, जय हो। आप मुझ पर कृपालु श्री गुरुजी के समान कृपा कीजिए। तुलसीदास जी यहाँ केहना चाहते है की जीवन में और कोई योग्य गुरु न मिले तो हनुमान जी को गुरु और हनुमान चालीसा को ही मंत्र बना लीजिए।
 
"जैसा की नाम से स्पष्ट होता है, बजरंग बाण एक बाण के सामान काम करने वाला पाठ है । इसके अंतर्गत हनुमान जी के बल, बूढी व अनेक गुणों का बखान करते हुए हनुमना जी की सौगंध दी जाती है किस प्रकार श्री राम के कार्यो को पूर्ण किया था, उसी प्रकार आपको मेरे कार्या को भी सफल करना होगा। मंगलवार के दिन चमत्कारी बजरंग बाण का पाठ करना बहुत लाभकारी होता है। जिस घर में बजरंग बाण का नियमित पाठ होता है, वहां दुर्भाग्य, भूत प्रेत का प्रकोप और असाध्य शारीरिक कष्ट नहीं होते। "
 
स्कंद पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार बिना आरती के राम जी की पूजा को संपूर्ण नहीं माना जाता। राम जी की आरती सभी आरतीयो में से पावन मानी जाती है। कहा जाता है कि राजा राम चंद्र भगवान की आरती सुनने मात्र से सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है। आइये सुने आरती राम जी की।
 
गुरुवार के दिन साईं भक्त साईंबाबा की कृपा पाने के लिए अनेक पूजा उपाय, स्तुति का पाठ या मंत्रों का जप भी करते हैं। गुरुवार के दिन यदि साईं बाबा के इन मंत्रों का 108 बार जाप किया जाए तो जीवन में खुशियां आती हैं और हर प्रकार के कष्ट और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। उनके मंत्र जप से ईर्ष्या, द्वेष, स्वार्थ, कलह आदि सरे बुरे भाव दूर हो जाते है। आइये सुने साई बाबा के विशेष मंत्र को।
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड (रेवाखण्ड) से संकलित की गई है। Click on this link to start your own podcast - https://studio.hubhopper.com/?utm_source=host_feed_programme&utm_med ...
 
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ कहा जाता है कि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती के बाद ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। कुंज बिहारीजी की आरती भी एक ऐसे पावन आरती है जो शंख, घंटी और करतल बजाते हुए परिवार के साथ भक्ति के साथ गाई जाती है | भगवान श्री कृष्ण के साथ देवी राधा का यह आरती गीत वातावरण को आनंदित करता है। आइये सुनते है आरती कुंजबिहारी की।
 
गणेश जी की पूजा और आरती के बिना कोई भी पूजा, अनुष्ठान पूर्ण नहीं होते। पूजा किसी भी देवी-देवता की क्यों ना हो, गणपति जी की आरती के बिना पूजा सफल नहीं मानी जाती है। गणेश जी की पूजा करने से दाम्पत्य जीवन में सुख और सौभाग्य आता है और घर में समृद्धि बढ़ती है। खास कर के बुधवार को उनकी पूजा करने से गणेश जी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। तो आइये सुनते है उनकी पावन आरती।
 
गुरुवार का दिन साईं बाबा के भक्तों के लिए खास दिन होता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान साईं के सामने साईं मंत्र जाप करने से सौभाग्य प्राप्त होता है। अगर साई भक्त उनके मंत्र का १०८ बार जाप करते है तो साई बाबा उन्हें हर कष्ट और दुःख से बचा लेते है। चलिए करते है साई बाबा के चमत्कारी मंत्र "ॐ साई नमो नमः" का १०८ बार जाप।
 
ॐ नमः शिवाय भगवन शिव के सबसे अधिक जाप किये जाने वाले मंत्रो में से एक है। ये मंत्र भगवन शिव को समर्पित है जिन्हे महादेव के नाम से भी जाना जाता है। ॐ को भ्रमांड की ध्वनि माना जाता है. इसका अर्थ है प्रेम और शान्ति। नमः और शिवाय का एक साथ अर्थ है पांच तत्व - पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। शिव मंत्र के उपचारण से इंसान नकारात्मकता को दूर कर सकता है और इंद्रियो पर नियंत्रणद करना सिखाता है।
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड (रेवाखण्ड) से संकलित की गई है।
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड (रेवाखण्ड) से संकलित की गई है।
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड (रेवाखण्ड) से संकलित की गई है।
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड (रेवाखण्ड) से संकलित की गई है।
 
गणेश जी के मंत्र का जाप करने से सभी भक्त अपने दुखों से मुक्ति पा सकते है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी को एक ऐसे देवता के रूप में पूजा जाता है जो अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं। इसलिए गणेश जी को विघ्नहर्ता यानी की सभी विघ्नों को हरने वाला भी कहा गया है। हिन्दू धर्म को मानने वाले सभी लोग किसी भी शुभ कार्य को शुरु करने से पहले गणेश जी की पूजा और उनके मंत्र का उच्चारण ज़रूर करते हैं।
 
सनातन धर्म में ॐ को बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। ॐ का उच्चारण करते समय तीन अक्षरों की ध्वनि निकलती है। ये तीन अक्षर क्रमशः अ+उ+म् हैं। इसमें 'अ' वर्ण 'सृष्टि' का घोतक है 'उ' वर्ण 'स्थिति' दर्शाता है जबकि 'म्' 'लय' का सूचक है। इन तीनों अक्षरों में त्रिदेव यानी (ब्रह्मा,विष्णु,महेश) का साक्षात वास माना जाता है। ॐ के जाप को अनिष्टों का समूल नाश करने वाला माना गया है। एहि नहीं, ॐ के उच्चारण से शारीरिक और मानसिक रूप से शांति भी प्राप्त होती है।
 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्री मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गायत्री मंत्र का जाप तीन बार किया जा सकता है। पहला समय है सूर्योदय से ठीक पहले, जिसे सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए। दूसरा समय है दोपहर का और तीसरा समय है सूर्यास्त से ठीक पहले और सूर्यास्त के बाद तक करना चाहिए। कहते हैं कि गायत्री मंत्र के जाप से दुख और दरिद्रता का नाश होता है, मन शांत और एकाग्र रहता है और मुखमंडल पर चमक आता है।
 
शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चल कर सनातन शिव धर्म (शैव धर्म) नाम से जाने जाती है में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधर आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।[1] हिन्दू शिव घर्म शिव-धर्म के प्रमुख देवताओं में से हैं। वेद में इनका नाम रुद्र है। यह व्यक्ति की चेतना के अन्तर्यामी हैं। इनकी अर्धांगिनी (शक्ति) का नाम पार्वती है
 
श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईश्वर माने जाते हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। कृष्ण निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श दार्शनिक, स्थितप्रज्ञ एवं दैवी संपदाओं से सुसज्ज महान पुरुष थे। उनका जन्म द्वापरयुग में हुआ था। उनको इस युग के सर्वश्रेष्ठ पुरुष युगपुरुष या युगावतार का स्थान दिया गया है। कृष्ण के समकालीन महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवत और महाभारत में कृष्ण का चरित्र विस्तुत रूप से लिखा गया है। भ ...
 
लक्ष्मी जी को धन की देवी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है उस घर में बरकत का वास होता है। लक्ष्मी जी की आरती व पूजा करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। कहते हैं कि अगर धन की देवी लक्ष्मी की आरती करके पूजा की जाए तो वो प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आर्शीवाद देती हैं। लक्ष्मी जी की आरती और चालीसा पाठ कर आप मां की आराधना कर सकते हैं। यह आरती करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
 
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Holi Special

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होली (Holi) वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है। रंगों का त्यौहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है। यह प्रमुखता से भारत तथा नेपाल में मनाया जाता है। यह त्यौहार कई अन्य देशों जिनमें अल्पसंख्यक हिन्दू लोग रहते हैं वहाँ भी धूम-धाम ...
 
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शिव अमृतवाणी भगवान भोलेनाथ की बहुत ही सूंदर और पावन वंदना है। इसमें शिव महिमा का पूर्ण वर्णन है जिसे सुनकर भक्त उनकी आराधना करते है। इसमें भोले नाथ के अलग अलग रूपों का सम्पूर्ण दर्शन कर सकते है।द्वारा Hubhopper
 
कबीरदास भारत के रहस्यवादी कवि और संत थे. उन्होंने कभी कागज कलम को छुआ नहीं था लेकिन लोगों को रास्ता दिखाने वाले संत के रूप में जाने गए. संत कबीर सिर्फ एक संत ही नहीं विचारक और समाज सुधारक भी थे. उनकी अमृतवाणी से कई लोगों को जीवन जीने की सीख मिली है. उनकी बातें जीवन में सकारात्मकता लाती हैं.द्वारा Hubhopper
 
जैसा की नाम से स्पष्ट होता है, बजरंग बाण एक बाण के सामान काम करने वाला पाठ है । इसके अंतर्गत हनुमान जी के बल, बूढी व अनेक गुणों का बखान करते हुए हनुमना जी की सौगंध दी जाती है किस प्रकार श्री राम के कार्यो को पूर्ण किया था, उसी प्रकार आपको मेरे कार्या को भी सफल करना होगा। मंगलवार के दिन चमत्कारी बजरंग बाण का पाठ करना बहुत लाभकारी होता है। जिस घर में…
 
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ कहा जाता है कि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती के बाद ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। कुंज बिहारीजी की आरती भी एक ऐसे पावन आरती है जो शंख, घंटी और करतल बजाते हुए परिवार के साथ भक्ति के साथ गाई जाती है | भगवान श्री कृष्ण के साथ देवी राधा का यह आरती गीत वातावरण को आनंदित करता है। आइये स…
 
भगवान राम के अनन्य सेवक श्री हनुमानजी अपने भक्तों पर आने वाले सभी संकटों को हर लेते हैं। तभी उनको संकट मोचक भी कहा जाता है। प्रत्येक भक्त को हनुमान जी की पूजा करने के बाद अंत में रोज उनकी आरती करनी चाहिए। कहा जाता है कि मंगलवार को हनुमान जी की आरती करने से हनुमान जी अत्यंत खुश होते हैं। उनकी पावन आरती करने से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां दूर हो…
 
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है। करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है। आइये सुनते है कृष्ण जी का प्रसिद्ध भजन जिसे गा कर मिलती है मन को ख़ुशी।द्वारा Hubhopper
 
अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरम्। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥द्वारा Hubhopper
 
ॐ महालक्मी नमो नमः मंत्र के जाप करने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती है और भक्तो पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखती है। इस मंत्र का अनुवाद है: "ओम। हम श्री महा विष्णु की पत्नी, महान देवी श्री लक्ष्मी का ध्यान करें। वह तेजोमय महा लक्ष्मी देवी हमारे मन को समझ से प्रेरित और प्रकाशित करें।" नियमित रूप से इस मंत्र के पवित्र संस्कृत शब्दों को सुनने से भक्तो को …
 
गुरुवार का दिन साईं बाबा के भक्तों के लिए खास दिन होता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान साईं के सामने साईं मंत्र जाप करने से सौभाग्य प्राप्त होता है। अगर साई भक्त उनके मंत्र का १०८ बार जाप करते है तो साई बाबा उन्हें हर कष्ट और दुःख से बचा लेते है। चलिए करते है साई बाबा के चमत्कारी मंत्र "ॐ साई नमो नमः" का १०८ बार जाप।…
 
श्री हरि विष्णु के सातवे अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की चालीसा का पाठ करने से सभी भक्तो की समस्त समस्याएं धीरे धीरे समाप्त हो जाती है। राम चालीसा का नित्य पाठ करने से व्यक्ति का मन शांत होता है और उसमें ज्ञान - विवेक का विकास होता है। तो चलिए सुनते है रघुकुलनंदन प्रभु श्री राम जी की चालीसा।द्वारा Hubhopper
 
अम्बे तू है जगदम्बे काली माता की विख्यात आरती है। इसके गायन से माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माँ के विभिन रूपों की स्तुति आप इस आरती के माध्यम से कर सकते है। आइये सुनत है माँ की पावन आरती।द्वारा Hubhopper
 
गणेश जी की पूजा और आरती के बिना कोई भी पूजा, अनुष्ठान पूर्ण नहीं होते। पूजा किसी भी देवी-देवता की क्यों ना हो, गणपति जी की आरती के बिना पूजा सफल नहीं मानी जाती है। गणेश जी की पूजा करने से दाम्पत्य जीवन में सुख और सौभाग्य आता है और घर में समृद्धि बढ़ती है। खास कर के बुधवार को उनकी पूजा करने से गणेश जी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। तो आइये सुनते है उनकी…
 
हनुमान चालीसा की सैंतीसवी चौपाई “जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाई।।” में तुलसीदास जी कहते है "हे स्वामी हनुमानजी। आपकी जय हो, जय हो, जय हो। आप मुझ पर कृपालु श्री गुरुजी के समान कृपा कीजिए। तुलसीदास जी यहाँ केहना चाहते है की जीवन में और कोई योग्य गुरु न मिले तो हनुमान जी को गुरु और हनुमान चालीसा को ही मंत्र बना लीजिए।…
 
''श्री मन नारायण नारायण हरि हरि'' भजन में हरी भक्त भगवन विष्णु के एक बार दर्शन की अभिलाषा व्यक्त कर रहे है। आइये सुने ये पावन भज।द्वारा Hubhopper
 
स्कंद पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार बिना आरती के राम जी की पूजा को संपूर्ण नहीं माना जाता। राम जी की आरती सभी आरतीयो में से पावन मानी जाती है। कहा जाता है कि राजा राम चंद्र भगवान की आरती सुनने मात्र से सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है। आइये सुने आरती राम जी की।द्वारा Hubhopper
 
गुरुवार के दिन साईं भक्त साईंबाबा की कृपा पाने के लिए अनेक पूजा उपाय, स्तुति का पाठ या मंत्रों का जप भी करते हैं। गुरुवार के दिन यदि साईं बाबा के इन मंत्रों का 108 बार जाप किया जाए तो जीवन में खुशियां आती हैं और हर प्रकार के कष्ट और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। उनके मंत्र जप से ईर्ष्या, द्वेष, स्वार्थ, कलह आदि सरे बुरे भाव दूर हो जाते है। आइये सुने स…
 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्री मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गायत्री मंत्र का जाप तीन बार किया जा सकता है। पहला समय है सूर्योदय से ठीक पहले, जिसे सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए। दूसरा समय है दोपहर का और तीसरा समय है सूर्यास्त से ठीक पहले और सूर्यास्त के बाद तक करना चाहिए। कहते हैं कि गायत्री मंत्र के जाप…
 
ॐ नमः शिवाय भगवन शिव के सबसे अधिक जाप किये जाने वाले मंत्रो में से एक है। ये मंत्र भगवन शिव को समर्पित है जिन्हे महादेव के नाम से भी जाना जाता है। ॐ को भ्रमांड की ध्वनि माना जाता है. इसका अर्थ है प्रेम और शान्ति। नमः और शिवाय का एक साथ अर्थ है पांच तत्व - पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। शिव मंत्र के उपचारण से इंसान नकारात्मकता को दूर कर सकता है और…
 
अच्युतम केशवम एक भक्ति भजन है जो कृष्णा के लिए गाया जाता है। ये विभिन्न विष्णु पूजा और रामायण पाठ, सुंदरकांड, विजयदशमी, रामचरितमानस, अखंड रामायण आदि में गया जाना वाला प्रमुख भजन है। इन पंक्तियों में भगवान् श्री कृष्ण जो विष्णु जी के अवतार हैं उनको उनकी लीलाओं के आधार पर विभिन्न नामों से पुकारा गया है। श्री कृष्ण को ही अच्युत कहा गया है जो अपने स्था…
 
" श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, है नाथ नारायण वासुदेवा। " इस महामंत्र का जप अत्यंत पुण्यदायी है। यह मन्त्र श्री कृष्ण जी का महामंत्र है जिसके द्वारा कृष्ण का आशीर्वाद सुगमता से प्राप्त होता है। इस मन्त्र का अर्थ है की है प्रभु आप सभी को आकर्षित करने वाले हैं। आप मुझे भी भक्ति की तरफ आकर्षित कीजिए। आप गोविन्द हैं और आप ही मुरारी हैं। श्री कृष्ण गायो…
 
सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान मंत्रों के उच्चारण पर विशेष बल दिया जाता है। भगवान शिव की पूजा में कोई विशेष नियम नहीं होते। बल्कि भोले नाथ तो सिर्फ अपने भक्तो के द्वारा किये गए उनके मंत्र के उच्चारण से ही प्रसन हो जाते है। अगर भक्‍त सच्‍चे मन से इनका नाम भी पुकार ले तो भोले भंडारी उसकी हर मनोकामना पूरी कर देते है। इसलिए आइये और सुने शिवे जी की पा…
 
सनातन धर्म में ॐ को बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। ॐ का उच्चारण करते समय तीन अक्षरों की ध्वनि निकलती है। ये तीन अक्षर क्रमशः अ+उ+म् हैं। इसमें 'अ' वर्ण 'सृष्टि' का घोतक है 'उ' वर्ण 'स्थिति' दर्शाता है जबकि 'म्' 'लय' का सूचक है। इन तीनों अक्षरों में त्रिदेव यानी (ब्रह्मा,विष्णु,महेश) का साक्षात वास माना जाता है। ॐ के जाप को अनिष्टों का समूल नाश करन…
 
लक्ष्मी जी को धन की देवी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है उस घर में बरकत का वास होता है। लक्ष्मी जी की आरती व पूजा करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। कहते हैं कि अगर धन की देवी लक्ष्मी की आरती करके पूजा की जाए तो वो प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आर्शीवाद देती हैं। लक्ष्मी जी की आरती …
 
गणेश जी के मंत्र का जाप करने से सभी भक्त अपने दुखों से मुक्ति पा सकते है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी को एक ऐसे देवता के रूप में पूजा जाता है जो अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं। इसलिए गणेश जी को विघ्नहर्ता यानी की सभी विघ्नों को हरने वाला भी कहा गया है। हिन्दू धर्म को मानने वाले सभी लोग किसी भी शुभ कार्य को शुरु करने से पहले गण…
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
सत्यनारायण भगवान की कथा लोक में प्रचलित है। हिंदू धर्मावलंबियो (धर्मावलम्बियों) के बीच सबसे प्रतिष्ठित व्रत कथा के रूप में भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की सत्यनारायण व्रत कथा है। कुछ लोग मनौती पूरी होने पर, कुछ अन्य नियमित रूप से इस कथा का आयोजन करते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा एवं कथा। सत्यनारायण व्रतकथा स्कंदपुराण के रेवाखंड …
 
राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, और इन्हें श्रीराम और श्रीरामचन्द्र के नामों से भी जाना जाता है। रामायण में वर्णन के अनुसार अयोध्या के सूर्यवंशी राजा, चक्रवर्ती सम्राट दशरथ ने पुत्र की कामना से यज्ञ कराया जिसके फलस्वरूप उनके पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम का जन्म देवी कौशल्या के गर्भ से अयोध्या में हुआ था।…
 
शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चल कर सनातन शिव धर्म (शैव धर्म) नाम से जाने जाती है में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधर आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।[1] हिन्दू शिव घर…
 
राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, और इन्हें श्रीराम और श्रीरामचन्द्र के नामों से भी जाना जाता है। रामायण में वर्णन के अनुसार अयोध्या के सूर्यवंशी राजा, चक्रवर्ती सम्राट दशरथ ने पुत्र की कामना से यज्ञ कराया जिसके फलस्वरूप उनके पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम का जन्म देवी कौशल्या के गर्भ से अयोध्या में हुआ था।…
 
शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चल कर सनातन शिव धर्म (शैव धर्म) नाम से जाने जाती है में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधर आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।[1] हिन्दू शिव घर…
 
शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चल कर सनातन शिव धर्म (शैव धर्म) नाम से जाने जाती है में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधर आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।[1] हिन्दू शिव घर…
 
राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, और इन्हें श्रीराम और श्रीरामचन्द्र के नामों से भी जाना जाता है। रामायण में वर्णन के अनुसार अयोध्या के सूर्यवंशी राजा, चक्रवर्ती सम्राट दशरथ ने पुत्र की कामना से यज्ञ कराया जिसके फलस्वरूप उनके पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम का जन्म देवी कौशल्या के गर्भ से अयोध्या में हुआ था।…
 
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