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इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... -------------------------------------------------------द्वारा UN News Hindi team
 
भारत की राजधानी दिल्ली में विधानसभा की सदस्या, आतिशी का करियर शिक्षण से शुरू हुआथा, जिसने आगे जाकर ऐसा राजनैतिक मोड़ लिया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों की काया-पलट ही हो गई. आतिशी ने, अन्तरारष्ट्रीय महिला दिवस पर, महिलाओं के राजनीति में प्रतिनिधित्व व महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर, यूएन न्यूज़ हिन्दी की अंशु शर्मा के साथ ख़ास बातचीत की...…
 
छवि राजावत, भारत के राजस्थान प्रदेश में, वर्ष 2010 से 2020 तक, राजधानी जयपुर के निकट एक गाँव सोडा की सरपंच रही हैं. सरपंच के रूप में काम करने के लिये, कॉर्पोरेट जगत का करियर छोड़ने वाली, छवि राजावत का मानना है कि ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने के लिये बुनियादी स्तर पर शुरू करना ज़रूरी है, “अगर हम मूलभूत चीज़ों की बात करें, तो हम बच्चों से स्कूलों में पू…
 
‘वैश्विक अध्यापक पुरस्कार 2020’ के विजेता रंजीतसिंह डिसले का कहना है कि दुनिया को, 21वीं सदी के शिक्षकों की आवश्यकता है और जीवन में टैक्नॉलॉजी की बढ़ती भूमिका के मद्देनज़र, शिक्षकों को भी कक्षाओं में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाना होगा. भारत में महाराष्ट्र प्रदेश के सोलापुर ज़िले के परीतेवाड़ी गाँव में सरकारी स्कूल में अध्यापक, रंजीतसिंह डिसले को,…
 
भारत में उत्तराखण्ड प्रदेश के चमोली ज़िले में रविवार सुबह ग्‍लेशियर टूटने और उसके बाद अचानक बाढ़ आने से हुए भारी नुक़सान के बाद, बड़े पैमाने पर बचाव और तलाश अभियान चलाया गया है. उत्तराखण्ड में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) कार्यालय की प्रमुख, रश्मि बजाज ने, यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में बताया कि प्रभावित इलाक़े में पानी के तेज़ बहाव, मलबा …
 
भारत में सर्दी के मौसम में, खेतों में फ़सलों की उपज काटने के बाद बचे हुए पुआल और अन्य कचरे को खुले मैदानों में जला दिया जाता हैं. इससे प्रदूषण की समस्या पैदा होती है और साँस की बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है. भारत के एक युवा इंजानियर व अन्वेषक विद्युत मोहन ने इस समस्या के निदान के लिये एक ऐसी मशीन ईजाद की है, जिससे पुआल या पराली को उच्च तापमान में …
 
पेरिस समझौते की पाँचवी वर्षगाँठ से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि कोविड-19 के कारण वैश्विक स्तर पर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कुछ गिरावट हुई है, लेकिन संकेत यही हैं कि वर्तमान स्थिति से, जलवायु परिवर्तन की बड़ी चुनौती का सामना करने में कोई ख़ास फर्क़ नहीं पड़ा है, और इस सदी के अन्त त…
 
भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी, करण मंगोत्रा ने यूएन न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि पाँच साल पहले हुए पेरिस समझौते के कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन की रोकथाम की ख़ातिर, ज़रूरी तकनीकी बदलाव करने के लिये, कम लागत वाली तकनीकें उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती रहेगी. करण मंगोत्रा के …
 
भारत में ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (Council on Energy, Environment and Water) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूणभा घोष का मानना है कि 12 दिसम्बर को आयोजित जलवायु महत्वाकाँक्षी सम्मेलन से अगले वर्ष होने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन कॉप-26 की नींव रखने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बिजली और जल क्षेत्र में कार्बन उत्सर्…
 
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) के न्यूयॉर्क कार्यालय के प्रमुख और सहायक महासचिव, सत्या त्रिपाठी का मानना है कि हालाँकि बहुत से देश, जलवायु आपातस्थिति से निपटने के लिये अनेक सार्थक क़दम उठा रहे हैं, लेकिन अब भी बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है. सत्या त्रिपाठी ने, यूएन न्यूज़-हिन्दी की प्रतिष्ठा जैन के साथ एक ख़ास बातचीत में, शनिवार को होने वा…
 
पेरिस जलवायु समझौते को इस वर्ष पाँच साल पूरे हो गए हैं. 2015 में इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले सभी देश शनिवार, 12 दिसम्बर को एक वर्चुअल जलवायु महत्वाकाँक्षी शिखर सम्मेलन में एकजुट हो रहे हैं. इस सम्मेलन में, आने वाले पाँच वर्षों के लक्ष्य परिभाषित किये जाएँगे, जो संभवत: अगले साल नवम्बर में स्कॉटलैण्ड के ग्लास्गो शहर में होने वाले कॉप26 …
 
संयुक्त राष्ट्र, हर वर्ष 5 दिसम्बर को अन्तरराष्ट्रीय स्वैच्छिक कार्यकर्ता दिवस (International Volunteers Day) मनाता है, जिसके ज़रिये दुनिया भर के उन स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं के योगदान को पहचान दी जाती है जो इस संगठन के काम में किसी भी तरह की मदद करते हैं. वर्ष 2020 में कोविड महामारी से निपटने के प्रयासों में भी यूएन वॉलन्टियर्स (UNV) ने असाधारण काम क…
 
इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... -------------------------------------------------------------------
 
‘भारत और संयुक्त राष्ट्रः डाक इतिहास’ नामक वर्चुअल प्रदर्शनी के ज़रिये विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश - भारत और बहुपक्षीय संगठन के बीच के सम्बन्धों के इतिहास की झलक पेश की गई है. यह प्रदर्शनी UN India की वेबसाइट पर देखी जा सकती है. इस प्रदर्शनी में संयुक्त राष्ट्र और भारत से सम्बन्धित विषयों पर, भारतीय डाक विभाग और संयुक्त राष्ट्र डाक प्रशासन …
 
इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... -------------------------------------------------------------------
 
शौचालयों की अहमियत और स्वच्छता पर जागरूकता बढ़ाने के लिये दुनिया भर में 19 नवम्बर को विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है. दुनिया की कुल आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा, यानि लगभग 25 प्रतिशत आबादी को बुनियादी सुविधाएँ हासिल नहीं हैं. इसके तहत, खुले में शौच करने के चलन या मजबूरी को ख़त्म करने, महिलाओं व लड़कियों और नाज़ुक परिस्थितियों में रहने को मजबूर लोग…
 
संयुक्त राष्ट्र ने 18 से 24 नवम्बर तक विश्व एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध जागरूकता सप्ताह मनाया है. आज दुनिया भर में, इनसानों, पेड़ - पौधों और जानवरों की मौतें ऐसी बीमारियों से हो रही है, जिनका दवाओं से आसानी से इलाज किया जा सकता है. इसकी वजह है - रोगाणुरोधी प्रतिरोध में वृद्धि, यानि एंटी माइक्रोबियल प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance AMR), जिसके कारण …
 
इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा - कोविड-19 को विज्ञान, समाधान और एकजुटता के ज़रिये मात देना मुमकिन, विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली की बैठक अगले सप्ताह. कोविड-19 के कारण टीकाकरण अभियान बाधित, बच्चों को पोलियो, ख़सरा और न्यूमोनिया जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ा.
 
इस सप्ताह के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... महिला सशक्तिकरण के लिये प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ, महिला नेतृत्व बढ़ाए जाने का आहवान. फ्रांस में एक चर्च में हुए हमले की तीखी निन्दा, समुदायों के बीच भाईचारा व सम्मान क़ायम रखने की पुकार. भविष्य में कोरोनावायरस जैसी महामारियाँ रोकने के लिये, वन्यजीवों, मवेशियों और इनसानों के बीच सम्पर्क समझने ज़रूरत पर ज़…
 
इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... बहुतायत वाली दुनिया में करोड़ों लोगों को अब भी मयस्सर नहीं है, एक वक़्त की भरपेट भोजन ख़ुराक. नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता World Food Program कैसे कर रहा है भुखमरी का मुक़ाबला, एक इंटरव्यू. कोरोनावायरस का मुक़ाबला करने में हाथ स्वच्छता है बहुत अहम, मगर करोड़ों लोगों को ये सुविधा नहीं है उपलब्ध. तपैदिक यानि टीबी का मुक़ाब…
 
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को वर्ष 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता घोषित किया गया है. इस पुस्कार के ज़रिये, भुखमरी के ख़िलाफ़ लड़ाई और संघर्ष प्रभावित इलाक़ों में शान्ति बहाली के लिये एजेंसी के योगदान को मान्यता दी गई है. नोबेल समिति के मुताबिक यूएन एजेंसी युद्ध व हिंसा के दौरान भुखमरी को एक औज़ार के रूप में इस्तेमाल किये ज…
 
2 अक्टूबर 2020 के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... -------------------------------------------------------------------द्वारा UN News Hindi
 
दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं. काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अ…
 
25 सितम्बर 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...द्वारा UN News Hindi Team
 
18 सितम्बर 2020 के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... -------------------------------------------------------------------
 
Take home rations ऐसे ऊर्जावान खाद्य पदार्थ होते हैं, जो पोषण सुनिश्चित करने के मक़सद से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खिलाए जाते हैं. संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम और भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से take h…
 
संयुक्त राष्ट्र 2020 में अपनी स्थापना की 75 वीं वर्षगाँठ मना रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 75वाँ सत्र भी 15 सितम्बर से शुरू हो रहा है. महासभा के वार्षिक सत्र के मौक़े पर हर वर्ष स्कूल-कॉलिजों में छात्र-छात्राएँ संयुक्त राष्ट्र के मॉडल सत्र आयोजित करते हैं, जिन्हें मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (MUN) कहा जाता है.…
 
11 सितम्बर 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ... --------------------------------------------------द्वारा UN News-Hindi Team
 
शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरुवार को एक नई रिपोर्ट ‘Coming Together for Refugee Education’ पेश की है, जिसमें यह आशंका जताई गई है कि स्कूल बन्द होने, ज़्यादा फ़ीस होने या दूरस्थ शिक्षा के लिये तकनीक तक पहुँच ना होने के कारण बड़ी संख्या में शरणार्थी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ होंगे. इस रिपोर्ट के बारे में और जानक…
 
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