जब Shaheed Bhagat singh की मां और Batukeshwar Dutt से मिले Manoj Kumar, गोद में सिर रखकर रो पड़े

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शहीद भगत सिंह की कुर्बानी देश युगों युगों तक याद रखेगा. भगत सिंह पर बहुत फिल्में बनीं लेकिन मनोज कुमार की शहीद सबसे खास है. फिल्म के सिलसिले में मनोज कुमार तब चंडीगढ़ में थे. मनोज साहब ने शहीद भगत की मां से मिलने की इच्छा जताई और अस्पताल पहुंच गये. जहां वो भर्ती थीं. यहीं इनकी मुलाकत शहीद भगत सिंह के साथी बटुकेश्वर दत्त से भी हुई. मनोज कुमार के लिए उस मुलाकत के दौरान दो बार ऐसा अवसर आया जिसे वह आज भी अपना सौभाग्य मानते हैं. पहला सुखद अवसर तब आया, जब शहीद भगत सिंह के भाई उन्हें मां के पास ले गए. उन्होंने मनोज साहब को मां से मिलवाते हुए कहा "मां ये वीरे की तरह नहीं दिखते ?" इस पर मां ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया "काफ़ी हद तक." दूसरा अवसर तब आया जब मनोज कुमार शहीद भगत सिंह की मां की गोद में सर रख कर रो पड़े. इन दोनों मौकों के लिए मनोज साहब आज भी खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं. इस बात का जिक्र मनोज साहब ने अपने एक लेख में किया है जो उन्होंने 2002 में लिखा था.

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