Kathopanishad - कठोपनिषद

20:01:09
 
साझा करें
 

Manage episode 299360497 series 2914377
Oshō - ओशो द्वारा - Player FM और हमारे समुदाय द्वारा खोजे गए - कॉपीराइट प्रकाशक द्वारा स्वामित्व में है, Player FM द्वारा नहीं, और ऑडियो सीधे उनके सर्वर से स्ट्रीम किया जाता है। Player FM में अपडेट ट्रैक करने के लिए ‘सदस्यता लें’ बटन दबाएं, या फीड यूआरएल को अन्य डिजिटल ऑडियो फ़ाइल ऐप्स में पेस्ट करें।

'मृत्यु, जिसे हम जीवन का अंत समझते हैं, उसी की चर्चा से प्रारंभ होता है यह कठोपनिषद। एक छोटे से बच्चे नचिकेता के निर्मल ‍‍हृदय की व्यथा जो क्रुद्ध पिता ‍के वचनों को स्वीकार करता है और अपने संकल्प के कारण मृत्यु से भी तीन वर अर्जित कर लेता है। एक प्रतीक के रूप में यह कथा प्रत्येक मनुष्य के सौभाग्य की कथा है जिसे ओशो ने अग्नि-विद्या के रूप में ‍हमें दिया है। ओशो कहते हैः ‘यम ने जो नचिकेता को कहा था, वही मैंने आपको कहा है। नचिकेता को जो हुआ, वही आपको भी हो सकता है। लेकिन आपको कुछ करना पड़ेगा, मात्र सुनकर नहीं, उसे जीकर। जो सुना है, उस दिशा में थोड़े प्रयास, थोड़े प्रयत्न, थोड़े कदम उठाकर। बस बैठ न जाएं, सोचने न लगें। जितना हम सोचने में समय गंवाते हैं, उतना प्रयास करने में लगा दें, उतना ध्यान बन जाए, तो मंजिल दूर नहीं है।’

185 एपिसोडस