रिश्तों में बोझ या बोझिल रिश्ते- क्यों और क्या हैं कारण?

10:52
 
साझा करें
 

Manage episode 278683739 series 2426815
kumar ABHISHEK upadhyay and Kumar ABHISHEK upadhyay द्वारा - Player FM और हमारे समुदाय द्वारा खोजे गए - कॉपीराइट प्रकाशक द्वारा स्वामित्व में है, Player FM द्वारा नहीं, और ऑडियो सीधे उनके सर्वर से स्ट्रीम किया जाता है। Player FM में अपडेट ट्रैक करने के लिए ‘सदस्यता लें’ बटन दबाएं, या फीड यूआरएल को अन्य डिजिटल ऑडियो फ़ाइल ऐप्स में पेस्ट करें।

रिश्तों में बोझ या बोझिल रिश्ते- क्यों और क्या हैं कारण?| Burden or burdensome relationships in relationships - why and what are the reasons? रिश्ते जीने का संबल, जीने का सबब, एक सहारा या यूं कहें कि एक साथ… रिश्तों को शब्दों के दायरे में परिभाषित नहींकिया जा सकता, उन्हें तो सिर्फ़ भावनाओं में महसूस किया जा सकता है. लेकिन बात आजकल के रिश्तों की करें तो उनमेंना भावनायें होती हैं और ना ही ताउम्र साथ निभाने का माद्दा, क्योंकि आज रिश्ते ज़रूरतों और स्वार्थ पर निर्भर हो चुके हैं. यही वजह है कि रिश्तों में बेहिसाब बोझ बढ़ते जा रहे हैं और हर रिश्ता बोझिल होता जा रहा है. ऐसे में इनके करणों को जानना बेहद ज़रूरी है.

--- This episode is sponsored by · Anchor: The easiest way to make a podcast. https://anchor.fm/app --- Send in a voice message: https://anchor.fm/kumar-abhishek/message Support this podcast: https://anchor.fm/kumar-abhishek/support

76 एपिसोडस