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show episodes
 
Kai prem kahaniyan sunte aaye hain hum ab tak lekin jisse aap sambhawatah is srishti ki pratham prem kahaani kah sakte hain Wo hai Shiv aur Shakti ki Prem Katha…. Prem, samarpan, virah, peeda, tapasya, pareeksha, pratigya jaise jaane kitne bhaavon ko sametein Shiv aur Shakti ke ek doosre mein samahit hokar ardhnareeshwar swaroop tak pahunchne ki is yatra ne srishti ke har prani ke liye prem ka sabse mahantam, sabse pawitra aur adarsh roop prastut kiya Shiv aur Shakti ki isi prem kahani ko le ...
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show series
 
'सती समस्त ब्रह्माण्ड में अंततः पुरुष और प्रकृति ही हैं। मैं पुरुष हूं और आप प्रकृति का प्रतिनिधित्व करती हैं। पुरुष सिद्धांत है, निरपेक्ष, अव्यक्त, अनैच्छिक और निष्क्रिय है तो प्रकृति, दृष्टिशील, जीवनदायिनी, तथा सृष्टि और सृजन की शक्ति है।' Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Share your feedback …
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सति ने नंदी का ध्यान भटकाने के लिए उनसे कहा ‘'नंदी, मैं भोजन पकाना चाहती हूँ , यहाँ भोजन सामग्री कहाँ मिलेगी ?" Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Share your feedback on thoughtsofsanju24@gmail.com or reach out at b_sanju_24 on Instagram :)द्वारा Sanju B
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कैलाश पर्वत से शिव नंदी पर सवार हो अपनी बारात को ले चले। बारात की अगवानी स्वयं भवन नारायण और ब्रह्मा कर रहे थे। Kailash parwat se Shiv nandi par sawar ho apni barat ko le chale . Baraat ki agwaani swayam bhawan narayan aur brahma kar rahe the. Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Share your feedbac…
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"मैं अपने विवाह पर इतना सुन्दर लगूंगा देवी लक्ष्मी की आपके पति नारायण की छवि भी मेरे सामने फीकी लगेगी, आप निश्चिन्त रहिये," और ये कहकर शिव हँसते हुए कैलाश की ओर चल दिए ! Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Shar…
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ब्रह्मा ने दक्ष को सति के उनके घर जन्म लेने का कारण स्मरण कराने के बाद कहा, 'तो इस प्रकार सति के रूप में शक्ति का जन्म हुआ। सति आद्या का अवतार हैं। आद्या आदि शक्ति और शिव आदि पुरुष हैं।अतः सती के विवाह के लिए शिव ही योग्य और उचित वर हैं।" Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Share your feedback on …
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सति धीरे से रुद्र के समीप गई और अपना गाल महादेव के सीने पर रख दृढ़ता से कहा: "मुझे लगता है कि आप ही मेरे घर हैं, मुझे कहीं और नहीं जाना रुद्र।।। मुझे यहीं रहना है आपके साथ कैलाश पर!" सति का उत्तर सुन रुद्र ने उनकी और एकटक देखे हुए कहा: ठीक है सति...चलो फिर विवाह कर लेते हैं ... शीघ्र!" Available on all the leading podcast platforms Don't forget to f…
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सति के आग्रह पर शिव उन्हें अपने साथ कैलाश ले जाते हैं, “देखो ये है मेरा निवास स्थान, सुख सुविधाएं और अन्य भोग विलास के साधनों से वंचित ना दास ना दसिया, ना महल ना आराम... सौंदर्य से कोसों दूर, काठिन और नीरस... बताओ क्या तुम रह पाओगी मेरे साथ'' Sati ka agarh sun Shiv unhein apne sath kailash le jate hain aur kahte hai, “Dekho ye hai mera niwas sthan …
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वाहन समारोह के बाद दक्ष की चिंता और बढ़ जाती है और सती के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वो महृषि भृगु से सहायता मांगते है। किन्तु सती को लेकर भृगु जो बताते हैं उस से दक्ष की आँखों के आगे अँधेरा छा जाता है। Available on all the leading podcast platforms Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Available on all the leading podcast platforms; Don't for…
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सती ने धीरे से अपनी आंखें खोली और शिव की और देखा। सती अपनी शक्ति को पहचान चुकी थी; वो समझ चुकी थी वो सृजन ही नहीं संहार भी कर सकती ह। सती का ये नया रूप शिव को अत्यंत आकर्षक लग रहा था। वो सती को बड़े गौर से देख रहे थे और सती बिना डरे, बिना शर्माये उनकी आँखों में आँखें डाल गरवीली सी उन्हें देख रही थी। Available on all the leading podcast platforms; D…
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अब सती के वाहन चुनने की प्रक्रिया शुरू करने का समय आ गया था। सती ने एक गहरी सांस ली और धीरे-धीरे एक कर सभी जानवरों को देखने लगी। उनके सामने जानवरों और पक्षियों की एक भीड़ खड़ी थी जिसमें से वो अपना वाहन चुन सकती थी हालांकि, ये करने से पहले सती को ध्यान की स्थिति में जाना था तभी वह सही विकल्प चुन सकता था। Available on all the leading podcast platform…
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दक्ष ब्रह्मा, विष्णु और महादेव के समक्ष सती के विवाह हेतु वर ढूंढने की बात करते हैं तो शिव क्रोधित होकर उन्हें ऐसा कोई भी प्रयास करने से मना करते हैं। इस एपिसोड में जानेंगे की दक्ष को कौनसे देव सती के लिए सही वर लगते हैं और शिव क्यों नहीं चाहते की दक्ष इस ओर कोई कदम न उठाये। Available on all the leading podcast platforms Don't forget to follow and …
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ब्रह्मा जी का सिर काटने के बाद भगवान शिव ने ब्रह्मा जी को श्राप भी दिया। इस श्राप के अनुसार त्रिदेवों में शामिल ब्रह्मा जी की पूजा-उपासना नहीं होगी। आखिर किस कारणवश शिव ने ब्रह्मा को दिया ये श्राप जानिए इस एपिसोड में! Brahma ka sir kaatne ke baad Bhagwan Shiv ne Brahma ko Shrap bhi diya. Is shrap ke anusar tridevon mein shamil Brahma ki pooja-upasa…
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“रुद्र कल मुझसे मिलने आये थे। उन्होंने बताया कि वो लंबी अवधि के लिए ध्यान में लीन होने जा रहे हैं, लेकिन प्रस्थान करने से पूर्व वो आपके लिए एक भेंट मेरे पास छोड़ कर गए हैं और मुझसे कहा है कि मैं आप तक उस भेंट को पहुंचा दूं” नारायण ने सती से कहा। क्या थी सती को शिव की भेंट; जानिये इस एपिसोड में! “Rudr kal mujhse milne aaye the. Unhone bataya ki ko l…
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महादेव को प्रसन्न करने के लिए भगीरथ ने पैर के अंगूठों पर खड़े होकर एक वर्ष तक कठोर तपस्या की। महादेव ने प्रसन्न होकर भगीरथ को वरदान दिया और गंगा को अपने मस्तक पर धारण कर लिया । लेकिनगंगा को अपने वेग पर बड़ा अभिमान था। गंगा का सोचना था कि उनके वेग से शिव पाताल में पहुँच जायेंगे। शिव को जब इस बात का पता चला तो उन्होने गंगा को अपनी जटाओं में ऐसे समा ल…
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जब सति रूद्र के मुख के तेज को सहन नहीं कर सकीं तो उन्होंने अग्निकुंड में झाँककर देखा। वह सभी लोकों के सभी प्राणियों को रुद्र की पूजा करते हुए देख सकती थी। चोरों ने उन्हें चोरों का स्वामी कहकर पुकारा। शिकारी उन्हें शिकारियों का स्वामी कहकर पुकारते थे। व्यापारी उन्हें व्यापारियों का मुखिया कहकर पुकारते थे। ग्वाले, कुओं से पानी लाने वाली स्त्रियाँ, जं…
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शिव ने सहजता से सती को नंदी की पीठ पर सवार किया और कहा,”इन्हे दक्ष के महल में छोड़ कर आओ नंदी और ध्यान रहे सती को कोई कष्ट न हो “ दूर बैठे नारायण ये सारा प्रकरण देख रहे थे और मंद -मंद मुस्कुरा रहे थे, जैसे कुछ उनका मनचाहा होने वाला था. Shiv ne sahajta se Sati ko Nandi ki peeth par sawaar kiya aur kaha,” inhe Daksh ke mahal mein chhod kar aao nandi a…
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"ये कैसी देव हैं... देवी... और क्यों हैं इनमें इतना आकर्षण कि उन्हें दूर से देख लेने मात्र से ही मैं जैसी संपूर्ण सृष्टि, सारे लोक परलोक और संबंधों को भूल गई हूं!" सति ने लक्ष्मी और सरस्वती से पूछा Available on all the leading podcast platforms; Don't forget to follow and subscribe 🙏✨ Share your feedback on thoughtsofsanju24@gmail.com or reach out …
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सति घुटनों के बल बैठी और हाथ जोड़कर धीरे से कहा, “मैं कभी आपसे नहीं मिली लेकिन ये अवश्य जानती हूं कि आप कौन हैं… कैसे नहीं जानूंगी भला और ऐसा कौन होगा देवलोक में जो आपको नहीं जानेगा… आप रुद्र हैं आप महादेव हैं… मेरा प्रणाम स्वीकार करें महादेव Sati ghutnon ke bal baithi aur haath jodkar dheere se kaha,” Main kabhi aapse nahin mili kintu ye awashya j…
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