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The Ranveer Show हिंदी

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The Ranveer Show हिंदी

BeerBiceps aka Ranveer Allahbadia

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Ranveer Allahbadia जिसे हम सब BeerBiceps के नाम से जानते हैं आपके लिए लेकर आ रहा हैं #TheRanveerShow Hindi। हर Episode को कुछ इस तरह से बनाया गया है कि वो आपके Life में ज़्यादा से ज़्यादा Value Add कर सकें। Health, Career Guidance, Lifestyle Advice हो या Inspiration, हमारे Episodes की मदद से आप पा सकते हैं हर तरह का ज्ञान। हर Episode के बाद आप खुद में एक सकारात्मक बदलाव ज़रूर देख पाएंगे। यहाँ हम दुनिया के हर प्रतिभाशाली इंसान की सोच को कुछ इस तरह से तरासेंगे कि अंत में हमें वो हीरा मिले जिसकी र ...
 
राम की कहानी हम बचपन से सुनते आ रहे हैं।कभी तुलसी दस की चौपाइयाँ, तो कभी रामानंद सागर की कल्पनायें - जाने अनजाने - हर प्रकार की रामायण हमारे मन में छाप छोड़ गयी है।तो फिर इस वर्णन में ऐसा क्या ख़ास है? इस podcast में कविता पौडवाल आपको मूल वाल्मीकि रामायण तो सुनाएंगी ही तथा आपके साथ वह ये भी समझने की कोशिश करेंगी कि आज के दौर में राम और राम की कथा का क्या महत्व हैं। यहाँ आपको अयोध्या का इतिहास तो जानने को मिलेगा ही साथ ही म्यूटेंट्स, सुपरहेरोस, मेटावर्स जैसी आधुनिक कथाओं से रामायण के किरदारों क ...
 
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Technical AG

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Technical AG

Utkarsh Agarwal

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This Podcast Is Full Of Digital Knowledge. All The Episodes Are Available In Hindi Translations. If You Have Any Questions Or You Want Me To Make An Episode On A Specific Topic Kindly Mail Me. Email:- technicalag.officials@gmail.com Instagram:- https://www.instagram.com/officialtechnicalag/
 
Gita , krishna and success stories , ekadashi, janmashtami. "समय ⏲️को भी समय⏰ लगता है, समय ⏱️ बदलने में। इसलिए अपनेआप को समय दें,इस आपके ही चैनल के माध्यम से।" "श्रीमद्भगवद्गीता" के वजह से आपके जीवन में सफलता आए और यह चैनल उसका हिस्सा बनें इसमें मेरा सौभाग्य है। आपकी सफलता के लिए मंगल कामना . Krishna janm poetry https://hubhopper.com/episode/poetry-of-krishna-janmashtami-1630285171
 
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ShaNaSha Ki Kahaniyan

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ShaNaSha Ki Kahaniyan

Shambhu Nath Sharma

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Kuch andsuni ankahi kahaniya kahstaur par aapke liye meri zubani behad saral hindi me aapke liye, har umar ke bacchon ke liye ji haan har umar me ek baccha chupa rahta hai chahe aapki umar kitni bhi ho par aapke andar ka wo baccha hamesha ek kahani sunna chahta hai, chahe aap 5 saal ke bacche ho ya 78 saal ke meri tarha, aap sabhi ke liye mere paas ek kahani hai jo me aapke saath sajha karoonga apne iss channe ke madhayam se, "ShaNaSha ki Kahaniyan" #ShaNaShaKiKahaniyan #MoralStories
 
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The Mr.Hind Show

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The Mr.Hind Show

Mr. Hind Creation PRASHANT JOSHI

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This Is The 1st Episode Of My Poadcast Channel , Here You Get Many Valuable And Knowledgeable Information Who Change Your Life Your Mindset. here You Lern How To Be A Motivated All Time So Connecting With Me And Make Your Life As You Wish. You Can Also Find Us On Instagram As a :Mr. hind Official, On Fb:Prashant Joshi On Google Mr. hind Creation . Thanks My All Lovely Audience Thanks A Lot
 
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Money Konnect

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Money Konnect

Edelweiss Mutual Fund Podcast

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Stories – our first school. Come, lets learn all about investments through stories and conversations. कहानियाँ : हम सबकी पहली पाठशाला। आइए सीखे इन्वेस्टमेंट की बातें कहानियों के द्वारा।
 
तुलसीदास जी का जन्म, आज से लग-भग 490 बरस पहले, 1532 ईसवी में उत्तर प्रदेश के एक गाँव में हुआ और उन्होंने अपने जीवन के अंतिम पल काशी में गुज़ारे। पैदाइश के कुछ वक़्त बाद ही तुलसीदास महाराज की वालिदा का देहांत हो गया, एक अशुभ नक्षत्र में पैदा होने की वजह से उनके पिता उन्हें अशुभ समझने लगे, तुलसीदास जी के जीवन में सैकड़ों परेशानियाँ आईं लेकिन हर परेशानी का रास्ता प्रभु श्री राम की भक्ति पर आकर खत्म हुआ। राम भक्ति की छाँव तले ही तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस और हनुमान चालीसा जैसी नायाब रचनाओं को ...
 
इक्का-दुक्का इकॉनमी पॉडकास्ट पर अभिनव त्रिवेदी और उद्योग विशेषज्ञ बड़ी ही आसान और मनमोहक भाषा में बात करते हैं आर्थिक शब्दजालो, मुद्दों और विषयों की, और उनको जोड़ते हैं आप की जेभ से,आप की सैलरी से, आप की सफलता से, और आप की ज़िन्दगी से I आर्थिक विषय की जानकारी जरूरी तो होती हैं, हैं, पर यह हमारी रोज़ की ज़िन्दगी पर क्या असर डालते हैं, इस बारे में हम आमतौर पर अनभिज्ञ रहते हैं I ये पॉडकास्ट हमारी उस अनभिज्ञता को दूर करने की तरफ एक कोशिश हैंI हर मंगलवार एक नयें एपिसोड के साथ अपने ज्ञान कोष में एक नया ...
 
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Kabir Ke Dohe

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Kabir Ke Dohe

SmartWay Music

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Welcome to the Kabir ke Dohe Podcast. In this Podcast you will listen Most Popular 30 "Kabir Ke Dohe". There are 6 episodes in this series and each episode has 5 dohas. पॉडकास्ट में आपका स्वागत है। इस पॉडकास्ट में आप मोस्ट पॉपुलर 30 "कबीर के दोहे" सुनेंगे। इस सीरीज में 6 एपिसोड हैं और हर एपिसोड में 5 दोहे हैं। कबीर दास का जन्म 1398 में माना जाता है। इनके जन्म के समय हर तरफ सर्वत्र धार्मिक कर्मकांड, अंधविश्वास और पाखंड का बोलबाला था। इन्होंने समाज में व्याप्त भ्रांतियों और बुराइयों को दूर करन ...
 
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Khatte Angoor

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Khatte Angoor

Kanhaiya Bhanushali

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कविता...ग़जल...कहानी से .. व्यंग...हास्य की यात्रा...जो दिल ओर दिमाग के बिच की खीचातानी...इतना ताने...के तान ने से भी हास्य पेदा हो...
 
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इस एपिसोड में हम आपको बताएँगे, अयोध्या में अपनी शुरुआती दौर की शिक्षा पूरी करने के बाद, तुलसीदास महाराज किस तरह अपने गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए, अपने गुरु के साथ बनारस आ गए, और बनारस आ कर किस तरह एक सिद्ध महात्मा की शागिर्दी में उन्होंने जटिल से जटिल विषयों पर महारत हासिल की।तुलसीदास जी का जन्म, आज से लग-भग 490 बरस पहले, 1532 ईसवी में उत्तर प्र…
 
दशरथ की अयोध्या का ऐश्वर्य अतुल्य था। ऐसा ऐश्वर्य जिनके पास हो, वह केवल अपने पिता की एक आज्ञा पर, सब छोड़कर, वन में रहे, यह आसान नहीं था। पर इतना ही नहीं, ऐसी परिस्थिति में व्यवहारात्मक यानि practical होकर, आने वाले समय की अचूक यानि foolproof तैयारियाँ करना, यही राम के गुण थे। सारा दान धर्म करने के बाद जब राम, लक्ष्मण और सीता अपने पिता से मिलने निकल…
 
वैसे तो राम की हर बात उनकी पत्नी सीता मानती थीं। लेकिन अपने पति से अलग होकर रहना उन्हें गवारा ही नहीं था। आख़िर राम सीता को अपने साथ वन लेजाने के लिए तैयार हो ही गए। अब लक्ष्मण भी राम और सीता के साथ जाना चाहते थे। पर क्यों? और राम की क्या आशंकाएँ थीं जिसकी वजह से वह लक्ष्मण का अयोध्या में सह-परिवार ठहरना ज़रूरी समझते थे? फिर भी, लक्ष्मण ने राम को अपन…
 
इस एपिसोड में हम आपको बताएँगे, अपने वजूद पर अशुभ होने की मुहर लगने के बाद किस तरह रामबोला भटकते हुए जंगल तक आ पहुँचे, किस तरह इस भटकन के दौरान उनकी मुलाकात प्रभु श्री राम के भक्त गुरु नरहरी दास जी से हुई, जिन्होंने रामबोला का हाथ थामा और उन्हें अपने साथ अयोध्या ले आए। हम आपको बताएँगे किस तरह रामबोला को तुलसीदास नाम मिला।तुलसीदास जी का जन्म, आज से ल…
 
नमस्ते दोस्तों!The Ranveer Show हिंदी के 120th Episode में आप सभी का स्वागत है, आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं IPS Vishwas Nangare Patil, जो असली जिंदगी के Singham माने जाते हैं। IPS Nangare Patil ऐसे इंसान है जिन्होंने 26/11 हमले के दौरान Terrorist के जज्बे को हरा दिया था। इस Podcast में हम बात करेंगे ढ़ेर सारी बातें Mumbai Police, Mumb…
 
पिछले episode में हमने सुना कि कैसे वनवास की बात को लेकर सीता तुरंत राम की भावनाओं को समझ गयीं। राम ने भी सीता को देख अपना मन हल्का किया। सच जानने पर सीता ने राम के साथ वन जाने की ज़िद्द करी। पर राम को लगा कि वह वन की कठिनाइयाँ नहीं सहन कर पाएंगी इस्लिये उन्होनें सीता को मना कर दिया। पर सीता ने हार न मानी। उन्होंने राम को मानाने के लिए हर तरह के उदा…
 
जब राम सीता से मिलने निकले तब वह अपनी भावनाओं को छुपा नहीं पाए। सीता भी कैकेई के मांगे हुए वचन से उतनी ही अनजान थीं जितनी माँ कौशल्या। राम का उतरा चेहरा देख, सीता ने कारण पुछा। जवाब में राम ने अपने पिता दशरथ और माँ कैकेई के बारे में क्या बताया? उन्होंने कैसे अपनी पत्नी सीता को सबका आदर करने की सलाह दी तथा भरत और शत्रुघ्न से प्रेम से बर्ताव करने का …
 
इतना तो अब स्पष्ट था कि राम अपने पिता, दशरथ की बेबसी समझ सकते थे। और उनका वचन निभाने के लिए राम ने वनवास स्वीकारा। आखिर राम अपना धर्म नहीं निभाते तो उनके परिवार और कुल की क्या इज़्ज़त रहे जाती? जब कौशल्या को भी इस बात का अहसास हुआ तब उन्होंने राम को आशीर्वाद देकर विधि विधान के साथ कैसे विदा किया? और क्या हुआ जब राम अपनी माँ से मिलकर, सीता से मिलने गए…
 
पिछले episode में हमने सुना कि कैसे राम को वनवास मिले की ख़बर सुनकर कौशल्या अपना नियंत्रण खो बैठीं और लक्ष्मण अपना आपा। अपने स्वार्थ के लिए कौशल्या राम को जाने नहीं दे रहीं थीं और जब राम न मानें तो उन्होंने राम के साथ चलने की ज़िद्द की। वहीं दूसरी ओर लक्ष्मण आग-बबूला हो कर अपने पिता दशरथ को मारने की बात कर रहे थे। पर राम जानते थे कि बिना कौशल्या के द…
 
जब राम और लक्ष्मण कौशल्या से मिलने उनके भवन गए तब वह राम को देख बहुत खुश हुई कि बस कुछ समय में उनका बीटा राम अयोध्या का राजा बनेगा। वह इस बात से अनजान थीं कि कैकेई की वजह से राम को वनवास मिला है। ताकि कौशल्या को कोई ठेस न पहुंचे, राम ने अपनी माँ को बड़े प्रेम से सारी कहानी बताई। बिना किसी द्वेष के उन्होंने बताया कि वह ऋषियों की तरह 14 साल वन में रहे…
 
इस एपिसोड में हम आपको बताएँगे, जब रामबोला के पिता उन्हें अशुभ समझने लगे, तो किस तरह बाई मुनिया ने रामबोला का हाथ थामा और उन्हें ने सहारा दिया। हम आपको बताएँगे कि किस तरह बाई मुनिया के देहांत के बाद इतिहास में खुद को दोहराया और एक बार फिर रामबोला के ऊपर अशुभ होने की मोहर लग गई।तुलसीदास जी का जन्म, आज से लग-भग 490 बरस पहले, 1532 ईसवी में उत्तर प्रदेश…
 
इस एपिसोड में हम आपको बताएँगे, एक ऐसे बालक की कहानी, पैदाइश के वक़्त से ही जिनकी ज़बान पर भगवान श्री राम का नाम था, पैदा होते ही राम नाम जपने की वजह से जिनका नाम लोगों ने रामबोला रख दिया। हम आपको बताएँगे, किस तरह अशुभ नक्षत्र में पैदा होने वाले रामबोला को उनके पिता, आत्माराम जी, अपने और अपने परिवार के लिए शुभ समझने लगे।तुलसीदास जी का जन्म, आज से लग-भ…
 
राम ने बिना हिचकिचाहट वन में 14 साल रहने की बात तो स्वीकारी पर साथ ही उन्होंने अपने पिता दशरथ से क्या प्रश्न पूछे? कैकई क्यों चाहती की राम जल्द ही वन को जाएँ? दशरथ ने कैसे इस बात पर अपनी नाराज़गी जताई? इसके बावजूद, राम भावुक हुए बिना, अपनी पत्नी सीता और माँ कौशल्या से कैसे अलविदा कहने गए? और इस घटना के आधार पर वाल्मीकि जी राम को एक योगी क्यों बुलाते…
 
राम और लक्ष्मण, सुमंत्र के साथ दशरथ के महल पहुँचे। पर जब दशरथ ने राम को आशीर्वाद नहीं दिया तब वह सहम गए। राम को लगा की उनसे भूल हो गयी है, इसलिए उन्होंने अपने पिता से तरह-तरह के सवाल पूछे। पर दशरथ चुप रहे। उनकी चुप्पी देख, कैकई ने राम को अपनी इच्छा बताई कि भरत राजा बनेगा और उसके बदले राम को मिलेगा 14 वर्षों का वनवास। बहुत दुःख होता है, जब माता-पिता…
 
नमस्ते दोस्तों!The Ranveer Show हिंदी के 118th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं Prashant Tripathi जी जिन्हें Acharya Prashant के नाम से जाना जाता हैं। ये एक Indian Author और Advaita Teacher हैं। इन्होंने IIT Delhi और IIM Ahmedabad से पढ़ाई की हुई हैं। Prashant Advait Foundation के ये Founder हैं । इस Podcast …
 
भरत राजा बने, ये दशरथ को मंज़ूर था। पर राम को वह किस बिनाह पर वनवास भेजें? इस बात से समझोता करना, उनके लिए एक पिता और नैतिकतावादी यानी moralist, दोनों नज़रियों से कठिन था। पर कैकई ने एक न सुनी। वह उन राजाओं के उदाहरण देतीं गयीं जिन्होंने हर क़ीमत पर अपने धर्म का पालन किया। कैकई और दशरथ की इस टकराव के बीच राम के राज्याभिषेक के तैयारियाँ लगभग पूरी हो गय…
 
कैकई अब मंथरा के साथ बनाया जाल बिछाने जा रहीं थीं। अपने कोप भवन में वह बाल बिखेरे, फटे कपड़ों में, ज़मीन पर लेटे, दशरथ का इंतेज़ार कर रहीं थीं। दशरथ ने जब उन्हें इस हाल में पाया तो वह हक्का-बक्का रहे गए। इस बात का कैकई ने कैसे फ़ायदा उठाया? उन्होंने अपने पति से भरत के लिए राज्य और राम के लिए वनवास कैसे माँगा? इस बात का दशरथ और कैकई के रिश्ते पर क्या अस…
 
पिछले episode में हमने सुना कि कैसे मंथरा ने कैकेई के मन में राम के ख़िलाफ़ ज़हर घोला और भरत के लिए एक अतर्कसंगत डर यानी irrational fear उत्पन किया। पर दशरथ ने राम को राजा बनाने का फ़ैसला ले ही लिया था। कैकेई क्या कर सकतीं थीं? तब मंथरा ने उन्हें तिमिध्वज के खिलाफ लड़े युद्ध की याद दिलाई। कि कैसे युवा क्षत्राणी कैकेई ने दशरथ की जान बचाई जिसके बदले में र…
 
कुंभजा यानी hunchbacked मंथरा (जैसे वह वलिमिक रामायण में जानी जातीं थीं) भागी-भागी कैकेई के पास पहुँची। उन्होंने कैकेई को बेरूखी से उठाया और राम के राज्याभिषेक के बारे में बताया। जो मंथरा अपने आप को कैकेई की शुभचिंतक मानती थी, उन्हीं ने धीरे-धीरे कैकई के मन में राम के प्रति विष भरदिया। पर इतनी बड़ी क्षत्राणी होने के बावजूद, कैकई, अनपे पुत्र-प्रेम मे…
 
राम और सीता ने राम के राजा बनने की तैयारी कैसे करी? उन्हें राज्याभिषेक वाले दिन कैसे उठाया गया? सारे ब्राह्मण अयोध्या में क्यों मौजूद थे? राज्य की सड़कों को कैसे सजाया गया? सारी प्रजा किस तरह से उत्तेजित थी? वह राम के राजा बनने की खुशी में क्या कह रही थी? और कैकई की दासी, मंथरा को इस बात का कैसे पता चला? आये इस जीवंत दृश्य का अनुभव करने के लिए सुनते…
 
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दशरथ ने जब राम को उनके राज्याभिषेक के बारे में बताया तब उन्होंने अपने बेटे के साथ ऐसी कौनसी राय बाँटीं, जिसे सुनकर आपको भी फ़ायदा हो सकता है? वह राम को भरत (जो अपने ननिहाल गए हुए थे) के आने से पहले राजा बनाने के लिए उतावले क्यों थे? दशरथ की घबराहट को शांत करने के लिए ऋषि वशिष्ठ, राम और सीता ने क्या कदम उठए? जब राम ने अपने भाई, लक्ष्मण और अपनी माँ, क…
 
राम ने परशुराम से युद्ध करने की चुनौती स्वीकार ली। उन्होंने परशुराम के हाथ से विश्वकर्मा का बनाया विष्णु-धनुष छीना और उसपे प्रत्यंचा चढ़ादी। यह देखकर परशुराम को यक़ीन हो गया की राम वाक़ई में विष्णु के अवतार हैं और वह वहाँ से चले गए। फिर राजा दशरथ जब अपने बेटों और बहुओं के साथ अयोध्या पहुँचे तो बड़े वैभव से उनका स्वागत किया गया। एक वर्ष तक सभी राजकुमार …
 
दोनों कुलों के राजगुरुओं की देख-रेख में एक यज्ञ कुंडा बनाया गया, जहाँ चरों राजकुमारों यानी राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का चारों राजकुमारियों अर्थात सीता, उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति से विवाह हुआ। पर शादी के बाद उन सभी ने अपने बड़ों की प्रदक्षिणा क्यों करी? विदाई के समय राजा दशरथ और उनके परिवार को किस प्रकार के अजीब संकेतों का अनुभव हुआ? परशुराम…
 
Moral story, taught society, to be loyal, dutyful from the core, against parents, boost morally to the children and give positive message to the general public too, very emotional story, reflect equal rights।--- Send in a voice message: https://anchor.fm/shanasha/message
 
राम ने जब शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़कर उसे तोड़ा, तब राजा जनक ने राजा दशरथ को राम और सीता का विवाह संम्पन्न करने के लिए मिथिला आने का न्योता दिया। कैसे दशरथ सारे बारातियों को लेकर धूम-धाम से मिथिला पहुँचे? कैसे उन्होंने जनक को, एक वधू के पिता होते हुए भी सम्मानित किया? कैसे इक्ष्वाकु कुल के राजगुरु, वशिष्ठ और वैदेही कुल के राजगुरु शतानन्द ने दोनों …
 
पिछले episode में, राम और लक्ष्मा के साथ, मिथिला के राजगुरु शतानन्द, हमें ऋषि विश्वामित्र का जीवन परिचय दे रहे थे। वह आगे बताते हैं कि कैसे विश्वामित्र ने राजा त्रिशंकु की स्वर्ग जाने में मद्दत करी? कि कैसे उन्होंने ऋषि सुनःशेप को मानव बलिदान यानी human sacrifice करने से बचाया? और वह अप्सरा मेनका की वजह से अपनी साधना से कैसे विचलित होने के बाद भी अ…
 
नमस्ते दोस्तों! The Ranveer Show हिंदी के 116th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं Colonel Tushar Joshi जो एक Senior Level Military Professional है और ये Kumaon Regiment के भी हिस्सा रह चुके है। देश के लिए उनके दिए गए Contribution को देख कर हमें गर्व Feel करना चाहिए। इस Podcast में हम बात करेंगे ढ़ेर सारी बातें…
 
जब राजा विश्वामित्र ने ऋषि वशिष्ठ से उनकी इच्छा-पूर्ती गाय, सबला की मांग की तब ऋषि वशिष्ठ ने उन्हें इंकार कर दिया। इस नामंजूरी के चलते विश्वामित्र ने सबला को ज़बरदस्ती अपने साथ ले जाने की कोशिश की। सबला ने अपना बचाव कैसे किया? दो व्यक्तियों के बीच की अनबन युद्ध में कैसे परिवर्तित हुई? इस युद्ध में विश्वामित्र का कुल कैसे नष्ट हुआ? ये सब देख कर विश्व…
 
विश्वामित्र पहले एक राजा हुआ करते थे। जब वह ऋषि वशिष्ठ के आश्रम पहुँचे तब ऋषि वशिष्ठ ने उनके और उनकी पूरी अक्षौहिणी यानी battalion के लिए एक भोजन आयोजित करने की इच्छा जताई। पर साधारण परिस्थितयों में रहने वाले ऋषि 21870 हाथी तथा सारथी, 65610 घोड़े तथा घुड़सवार और 109350 पैदल सिपाहियों के भोजन की व्यवस्था कैसे कर सकते थे? यही नहीं, उन्होंने आयुर्वेद अन…
 
जिस समय राम, लक्ष्मण और ऋषि विश्वामित्र मिथिला पहुँचे, तब राजा जनक ने एक बहुत बड़ा आयोजन यानी celebration रखा हुआ था जिसमें दूर-दूर से ब्राह्मण, scholars आए हुए थे। जब राजा जनक को विश्वामित्र के आने की ख़बर मिली तब उनका स्वागत करने के लिए वह खुद, अपने राज गुरु शतानन्द के साथ गए। ऋषि विश्वामित्र का सम्मान करने के बाद उन्होंने राम और लक्ष्मण के बारे मे…
 
धीरे-धीरे राम, लक्ष्मण और ऋषि विश्वामित्र मिथिला की ओर बढ़ रहे थे कि अपनी राह पर उन्हें ऋषि गौतम और उनकी पत्नी अहल्या का आश्रम मिला। तब विश्वामित्र ने उन्हें अहल्या की कहानी सुनाई कि क्यूँ और कैसे ऋषि गौतम की तपस्या को भंग करने के लिए देवों के देव, इंद्र ने चाल चली? उन्होंने बताया कि कैसे अहल्या इस चाल का हिस्सा बानी और जब ऋषि गौतम को इस बात की भनक …
 
अदिति के पुत्र देव और दिति के पुत्र दानव अमर होना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया। मेरु पर्वत बने मथनी और रस्सी बने साँपों के देवता, वासुकि। पर क्षीरसागर का मंथन करते करते जब मेरु फिसलने लगे तब भगवन विष्णु ने कुर्म अवतार लेकर मेरु पर्वत को नीचे से सहारा दिया। तब शुरू हुआ समुद्र मंथन। कई साल बीते और बहुत सारी अद्भुत ची…
 
नमस्ते दोस्तों!The Ranveer Show हिंदी के 115th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं Vikrant Pande, जो एक Author और Translator है। इससे पहले इन्होंने अपने Life के 20 साल Corporate Field में बिताए है। इनकी Books In The Footsteps Of Rama और Travels With Ramayana ने पूरे World में ख्याति पाई है। इस Podcast में हम बा…
 
भगीरथ की मेहनत से गंगा धरती पर आई और सगर के 60,000 पुत्रों को मुक्ति मिली। यह कहनी का अंत आते-आते, राम, लक्ष्मण और विश्वामित्र गंगा नदी के एक और तट पर पहुंचे, जहाँ विशाला का शहर बसा था। यहाँ ऋषि विश्वामित्र, जो ज्ञान का भंडार थे और नैतिक शिक्षा ज़्यादातर कथन के द्वारा प्रदान करते थे, उन्होंने अब एक और कहानी बतानी शुरू करी। सतयुग में ऋषि कश्यप - जिन्…
 
पिछले episode में हमने सुना कि भगीरथ ने ब्रम्हदेव को प्रसन्न किया और गंगा को धरती पर लाने की तैयारियाँ शुरू हुई। लेकिन केवल बड़ा लक्ष्य हासिल करना ही काफ़ी नहीं। उसके प्रभाव को बनाए रखना ही सफलता का प्रतीक होता है। तो फिर सवाल ये उठता है कि जो गंगा अंतरिक्ष में आकाशगंगा अर्थात milky way बन कर बह रही थी, जिसके भयंकर प्रवाह से पूरी धरती डूब सकती थी, उस…
 
कई सालों तक, जब राजा सगर को अपने 60,000 पुत्रों और अश्वमेध घोड़े की कोई सूचना नहीं मिली तब उन्होंने अपने पोते, अंशुमान को उन सबको ढूंढ निकालने का आदेश दिया। सारे सुरागों की जाँच-परताल करने के बाद जब अंशुमान उस जगह पहुंचे जहाँ ऋषि कपिल ने उनके चाचाओं को भस्म किया था, तब उन्होंने अपने पूर्वजों को तर्पण या पानी देना चाहा। पर उन्हें वहाँ पानी का कोई स्त…
 
Happy deewali🎉🎉 Mainly we need to know that India is the country of festivities. Nonetheless, none of the festivals arrives close to Diwali. It is clearly one of the enormous celebrations in India. It is possibly the sunniest celebration in the nation. Species of various beliefs commemorate Diwali. Mostimportantly, the festival implies the accompli…
 
राम के पूर्वज, सगर, इक्ष्वाकु कुल के जाने माने राजा थे। उनकी दो पत्नियाँ थीं - केशीनी और सुमति। राजा सगर को वरदान था कि उनकी एक पत्नी को ऐसा बेटा होगा जो इक्ष्वाकु कुल का वंश आगे बढ़ाएगा और दूसरी पत्नी को 60,000 पुत्र होंगे जो वीर और बलशाली तो होंगे पर वंश को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे। और वही हुआ। एक पत्नी ने जन्म दिया असमंजस को जिनसे जना अंशुमन। पर दूसरी…
 
राम और लक्ष्मा, कुछ मायनों में अभी भी बच्चे थे। वह 15 - 16 वर्ष के ही तो थे। उन्हें अपने गुरु विश्वामित्र की कहानियाँ सुनने में बड़ा मज़ा आता था। जब उन भाइयों ने गंगा के बारे में पूछा तो विश्वामित्र ने बताया कि गंगा हिमालय की पुत्री थी, कि उनकी बहिन उमा या पार्वती, जो महादेव यानी शिव की पत्नी थी, और गंगा की माँ मेना, मेरु पर्वत की बेटी थीं। पर गंगा क…
 
नमस्ते दोस्तों!The Ranveer Show हिंदी के 114th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं Astras के Expert Akshat Gupta जो एक Author है। ये कई Bollywood Production Houses के लिए Scripts लिख रहे हैं। Hinduism और Indian History पर इनकी Knowledge वाकई सराहनीय है। इस Podcast में हम बात करेंगे ढ़ेर सारी बातें Lord Parshuram…
 
सिद्धाश्रम पहले विष्णु के अवतार वामन का आश्रम था और अब विश्वामित्र वहाँ रहते थे। वहीं उन्हें राम से मिलने का अंतर्ज्ञान मने intuition भी हुई। इस मायने से सिद्धाश्रम उतना ही राम का था, जितना की वह ऋषि विश्वामित्र का था। माना जाता था कि इस आश्रम में किया हुआ कोई भी काम विफल नहीं जाता था। पर मारीच और सुभाहु, इन दोनों राक्षसों ने यहाँ भी ऋषियों की नाक …
 
नमस्ते दोस्तों!The Ranveer Show हिंदी के 113th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं Tech के महाराजा Shlok Srivastava जिन्हें आप से Tech Burner के नाम से भी जानते हो। इनके Tech Related Tips और Tricks बहुत ही Amazing होते है। इस Podcast में हम बात करेंगे ढ़ेर सारी बातें Introvert People, Tech Burner की Love Life, T…
 
राम विष्णु के अवतार थे, विद्वान थे, अपराजेय या invincible थे। ऐसी स्थिति में कोई भी मनुष्य घमंडी बन सकता है। उसमें एक superiority complex आ सकता है। लेकिन अय्तंत शक्ति का होना भी एक बड़ी ज़िम्मेदारी का काम है। वह कहते है ना - With great power comes great responsibility - शायद Spiderman का ये quote राम से ही inspired है। क्यूँकि सारी विद्याएं प्राप्त …
 
कंदर्प आश्रम और सरयू-गंगा के मिलाप से आगे बढ़कर, राम, लक्ष्मण तथा ऋषि विश्वामित्र एक ख़तरनाक जंगल पहुंचे। वैसे तो वह जंगल बहुत ही घाना था। वहाँ बिल्व, कुकुभ, बद्री जैसे पेड़ उग रहे थे। पर वहाँ का वायुमंडल बहुत डरावना था। वहाँ की हवा बड़ी ही बदगुमान यानी unpleasant थी। उस जंगल में ताड़का नाम की एक राक्षसी का जो वास था। ताड़का वहाँ पर आते जाते सभी मनुष्य…
 
ऋषि विश्वामित्र ये जानते थे कि आगे बढ़कर दोनों राजकुमारों, राम और लक्ष्मण को बहुत तकलीफ़ झेलनी होगी। इस लिए वह उनमें जंगल में रहने की आदत दाल रहे थे। दोनों राजकुमार बाकी शिष्यों की तरह गुरु की सेवा करते, रात भर मिट्टी के फर्श पर लगाई चटाई पर सोते, सुबह उठकर नदी से पानी लाते, लकड़ियाँ इखट्टी करते, हवन पूजा करते और फिर मीलों पैदल चलते। चलते चलते तीनो गं…
 
आज के समय की superhero movies से हमें पता चलता है कि कैसे अपने दुश्मनों को हारने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। पर हथियार सिर्फ अपने प्रतिद्वंद्वी को हानि पहुंचने के लिए नहीं बने। कुछ हथियारों का इस्तेमाल खुद को शक्तिशाली बनाने में भी किया जा सकता है। तो 5000 साल पूर्व हथियार कैसे होते थे और राम लक्ष्मण को इनकी विद्या कैसे मिली? आइए जानत…
 
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