किताबें और लेखन सार्वजनिक
[search 0]
×
सबसे अच्छा किताबें और लेखन पॉडकास्ट हम पा सकते हैं (अपडेट किया गया अगस्त 2020)
सबसे अच्छा किताबें और लेखन पॉडकास्ट हम पा सकते हैं
अपडेट किया गया अगस्त 2020
लाखों प्लेयर एफएम उपयोगकर्ताओं से जुड़े आज प्राप्त करने के लिए समाचार और जब भी आप चाहते हैं अंतर्दृष्टि, तब भी जब आप ऑफ़लाइन हों। पॉडकास्ट समजदार हुआ फ्री पॉडकास्ट एप्प के साथ जो समझोता करने से इंकार करता है। चलो चलाये!
अपने पसंदीदा शो को ऑनलाइन प्रबंधित करने के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पॉडकास्ट एप्प से जुड़ें और उन्हें हमारे Android और iOS एप्प पर ऑफ़लाइन चलाएं। यह मुफ़्त और आसान है!
More
show episodes
 
अनहद कृति विशुद्ध रूप से साहित्यिक पूर्णतयः अव्यवसायिक, साहित्य, कला एवं सामाजिक सरोकारों की त्रैमासिक इ-पत्रिका है। दिल को छू लेने वाली साहित्यिक संरचना, भारतीय संस्कृति की मूलभूत अवधारणा में निहित समन्वय-सामंजस्य एवं मानवतावादी दृष्टि को उजागर करती, हमारी टेढ़ी राजनीति के सीधे सरल नाम से कुछ दूर हो कर, आशा से परिपूर्ण, लिखी गयी रचनाओं (कविता, कहानी, लेख, व्यंग्य) का इसमें सहज स्वागत है।
 
Loading …
show series
 
प्रधानसेवक के झकाझक भाषणों से देश की सारी समस्याएं हल हो जाने वाली हैं और कुछ करने की ज़रुरत ही नहीं है लोग मस्त रहें पकोड़े छानेंद्वारा HW News Network
 
आप चाहें तो प्रेम कर लीजिये, आप चाहें तो लव कर लीजिये प्रेम न भाषा देखता है न देशी-विदेशी देखता है, प्रेम सरहदें नहीं देखता, प्रेम धर्म नहीं देखता, प्रेम में सियासत घुसेड़ने वालों हम तप प्रेम करते रहेंगे तुम्हारी ऐसी की तैसी.द्वारा HW News Network
 
कई बार कुछ बातों का मतलब सिर्फ़ उतना ही नहीं होता जितना कि फ़ौरी तौर पर दिख रहा होता है कई बार कुछ बातों के मानी बहुत विशाल होते हैं यही खासियत है जावेद साहब की कलम में.द्वारा HW News Network
 
तुमने बहुत सहा है / तुमने जाना है किस तरह स्त्री का कलेजा पत्थर हो जाता है / किस तरह स्त्री पत्थर हो जाती है / महल अटारी में सजाने लायक / मैं एक हाड़ मांस की स्त्री नहीं हो पाउंगी पत्थर / न ही माल असबाब / तुम डोली सजा देना / उसमें काठ की एक पुतली रख देना / उसे चूनर भी ओढ़ा देना / और उनसे कहना लो ये रही तुम्हारी दुल्हन / मैं तो जोगी के साथ जाउंगी माँ…
 
साल 2017 ख़त्म हो रहा है लोग आंकलन करेंगे कि क्या पाया क्या खोया लेकिन इस आंकलन में हम अक्सर अच्छा अच्छा याद करते रह जाते हैं जो बुरा और ग़लत हुआ उससे सबक लेना भूल जाते हैं.द्वारा HW News Network
 
Loading …

त्वरित संदर्भ मार्गदर्शिका

Google login Twitter login Classic login