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धर्म,दर्शन,ज्योतिष,समाज,राजनीती और मानवीय संवेदनाओ का वैज्ञानिक,आध्यात्मिक और व्यवहारिक विश्लेषण.
 
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इस एपिसोड में हम देखेंगे कि पांडवों ने एक अद्वितीय महल हासिल किया, और युधिष्ठिर ने महत्वकांक्षी होकर राजसूय यज्ञ करवाने के बारे में सोचा। हम कृष्ण की एक और पुराने शत्रु से मिलेंगे और देखेंगे कि कृष्ण ने किस तरह से शत्रु से द्वारका को बचाया। __ATA.cmd.push(function() { __ATA.initDynamicSlot({ id: 'atatags-26942-5fad80cea8ec6', location: 120, formFac…
 
आज हम देखेंगे कि किस तरह से अर्जुन एक वनवास में चले गए और वहां उन्होंने कई शादियां की. साथ में पांडवों ने इंद्रप्रस्थ को एक बहुत ही अच्छा राज्य बना दिया। हम यह भी देखेंगे कि कृष्ण और अर्जुन ने किस तरह से एक पूरा जंगल जलाने में अग्नि की मदद की।द्वारा Atul Purohit
 
हम देखेंगे कि पांडव वापस हस्तिनापुर कैसे पहुंचे। हम यह भी देखेंगे कि दुर्योधन और अन्य कौरव पांडवों से कितनी हद तक जलते थे। अंत में हम पांडवों के लिए खुश होंगे जब उनको राज करने के लिए एक देश मिलेगा।द्वारा Atul Purohit
 
इस एपिसोड में हम कृष्ण और बलराम के बारे में सुनेंगे। हम देखेंगे कि कैसे कृष्ण की 16000 बीवियां थी, और कैसे क्रोधित बलराम ने नदियों, कौरवों और समस्त नगरों को अपने सामने झुका दिया। यह भागवत पुराण की आखिरी कड़ी है।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम देखेंगे की कंस का अंत कैसे हुए और द्वारका कैसे बनी। हम कृष्णा और बलराम को बहुत से राक्षस मारते हुए देखेंगे और एक भगवान राम के वंशज से भी मिलेंगे ।द्वारा Atul Purohit
 
हम कृष्ण पर होने वाले अनेक हमलों के बारे में जानेंगे। हम ये भी देखेंगे की कृष्ण कैसे हमको उनको पाने का रास्ता दिखाते है। इसके साथ ही हम एक घमंडी देवता का घमंड कृष्ण द्वारा टूटता हुआ देखेंगे।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम देखेंगे की एक भगवान कैसे दुनिया में जन्म लेते हैं। हम कृष्ण के बचपन और उनको शरारतों क साथ उनके अलौकिक रूप भी देखेंगे।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम पांडवों, कौरवों और भगवान कृष्ण के पूर्वज राजा ययाति के बारे में बात करेंगे. हम भागवत पुराण के बारे भी जानेंगे और देखेंगे की ये महाभारत से कैसे जुड़ा हुआ है.द्वारा Atul Purohit
 
आज हम अर्जुन और कर्ण की पहली मुठभेड़ देखेंगे। हम पांडवों की द्रौपदी से शादी के बारे में भी जानेंगे। हम ये भी जानेंगे की द्रुपद इस शादी क बारे में क्या सोचते हैंद्वारा Atul Purohit
 
आज हम देखेंगे की पांडव वरणवट से निकलकर एकचक्र में कैसे छुपकर ज़िन्दगी बिता रहे हैं। हम भीम और अर्जुन की वीरता के बारे में भी जानेंगे। अंत में हम देखेंगे की द्रुपद ने अपना बदला पूरा करने क्या किया।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम देखेंगे कि कैसे दुर्योधन ने पांडवों को जलाकर मारने की कोशिश की और इस कोशिश का क्या परिणाम हुआ। इसके साथ ही हम यह भी जानेंगे कि सबसे पहले कौन से पांडव की शादी हुई और किससे हुई।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम देखेंगे की पांडवों का एक और भाई भी है जो शुरू से ही उनके खिलाफ हो जाता है। आगे हम जानेंगे की द्रोण ने द्रुपद से अपना बदला कैसे पूरा किया। आप लोगों के ईमेल मुझे मिल रहे हैं और फीडबैक है की एपिसोड छोटे हो और जल्दी आए। आगे से मैं कोशिश करूँगा की हर 2 सप्ताह में नया एपिसोड आये जो 20 मिनट से छोटा हो। ईमेल करते रहिये और सुझाव भेजते रहिये।…
 
आज हम बात करेंगे की पांडवों और कौरवों का बचपन कैसे बीता। हम देखेंगे की कौरव और पाण्डव दोनों एक दूसरे से प्रतिद्वंदता रखते थे। हम ये भी जानेंगे की द्रोणाचार्य और कृपाचार्य ने कैसे उनको शिक्षा दी और कौन सबसे अच्छा छात्र था।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम देखेंगे की हमारे नायकों और खलनायकों का जन्म कैसे होता है। हम जानेंगे की कैसे युधिष्ठिर पहले पैदा होने के बाद दुर्योधन को बड़ा कैसे माना जा सकता है।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम भीष्म के भतीजों धृतराष्ट्र, विदुर और पांडु के जन्म के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे की कैसे ऋषि व्यास ने एक बहुत बड़ी समस्या को हल किया लेकिन साथ ही साथ दूसरी समस्याओं को जन्म दिया।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम मुख्य कहानी में आगे बढ़ेंगे और भीष्म के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे कि किस तरह से 8 वसुओं ने गंगा और शांतनु के पुत्र के रूप में जन्म लिया। साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे कि गंगा ने किस तरह से 7 नवजात शिशुओं को मार दिया। हम देखेंगे कि भीष्म कौन हैं और हम यह भी जानेंगे कि भीष्म प्रतिज्ञा कैसे और क्यों ली गई.…
 
आज हम दुष्यंत और शकुंतला के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे विश्वामित्र की तपस्या ने कैसे इंद्र को चिंतित कर दिया। अंत में हम जानेंगे की राजा भरत का जन्म कैसे हुआ।द्वारा Atul Purohit
 
हम बात करेंगे की महाभारत शुरू कैसे हुई। हम जानेंगे की कौन थे राजा वसु और कैसे एक मछली ने राजा वसु की संतानों को जन्म दिया। इसके साथ ही हम सुनेंगे की ऋषि व्यास कैसे पैदा हुए।द्वारा Atul Purohit
 
आज हम महाभारत के शुरू होने के बारे में बात करेंगे। हम जानेंगे की यह कहानी शुरू कैसे होती है और कैसे कही गयी है और किसके द्वारा कही गयी है। हम यह भी जानेंगे की सर्प यज्ञ क्या था और इस यज्ञ में सभी साँपों को क्यों मारा जा रहा था। आखिकार हम ये भी बात करेंगे की यह यज्ञ पूरा हुआ या नहीं। जाने से पहले, मैं महाभारत पर पॉडकास्ट के अपने अद्भुत काम के लिए लॉ…
 
मैंने कई पॉडकास्ट देखे महाभारत के, पर सभी इंग्लिश में थे। मुझे लगा की इतना बड़ा महाकाव्य, जिसपर सभी को गर्व होना चाहिए, बहुत से लोगों की पहुँच से दूर है क्यूंकि इंग्लिश में उच्चारण अलग होता है। तो मैंने ये हिंदी पॉडकास्ट शुरू करने पर विचार किया। इस श्रृंखला में, मैं प्राचीन भारतीय महाकाव्य महाभारत को एक संक्षिप्त ऑडियो रूप में प्रस्तुत करूंगा। मेरा …
 
The upanishads a part of the Vedas, are ancient Sanskrit texts that contain some of the central philosophical concepts and ideas of Hinduism, some of which are shared with Buddhism, and Jainism. Among the most important literature in the history of Indian religions and culture, the Upanishads played an important role in the development of spiritual…
 
Sanatana Dharma is is the original name of what is now popularly called Hinduism or Hindu Dharma. The terms Hindu and Hinduism are said to be a more recent development, while the more accurate term is Sanatana Dharma. It is a code of ethics, a way of living through which one may achieve moksha (enlightenment, liberation). It is the world's most anc…
 
Nishkam Karma (sanskrit niṣkāmakarma,self-less or desireless action, is an action performed without any expectation of fruits or results, and the central tenet of Karma Yoga path to Liberation. Its modern advocates press upon achieving success following the principles of Yoga,and stepping beyond personal goals and agendas while pursuing any action …
 
The Gita is set in a narrative framework of a dialogue between Pandava prince Arjuna and his guide and charioteer Lord Krishna. Facing the duty as a warrior to fight the Dharma Yudhha or righteous war between Pandavas and Kauravas, Arjuna is counselled by Lord Krishna to "fulfill his Kshatriya (warrior) duty as a warrior and establish Dharma." Inse…
 
Brahma is sometimes identified with the Vedic god Prajapati, as well as linked to Kama and Hiranyagarbha. He is more prominently mentioned in the post-Vedic Hindu epics and the mythologies in the Puranas. In the epics, he is conflated with Purusha.[5] Although, Brahma is part of the "Brahma, Vishnu, Shiva" in Trimurti, ancient Hindu scriptures ment…
 
गुरु-वन्दना : ।। ॐ श्री सद्गुरुदेव भगवान् की जय ।। जय सद्गुरुदेवं, परमानन्दं, अमर शरीरं अविकारी।। निर्गुण निर्मूलं, धरि स्थूलं, काटन शूलं भवभारी।। सूरत निज सोहं, कलिमल खोहं, जनमन मोहन छविभारी।। अमरापुर वासी, सब सुख राशी, सदा एकरस निर्विकारी।। अनुभव गम्भीरा, मति के धीरा, अलख फकीरा अवतारी।। योगी अद्वैष्टा, त्रिकाल द्रष्टा, केवल पद आनन्दकारी।। चित्रकू…
 
भगवान् श्रीकृष्णो यस्मिन् काले गीतायाः सदुपदेशं प्रादात्, तदानीं तस्य मनोभावाः कीदृशा आसन्? ते सर्वे मनोगता भावा वक्तुं न शक्यन्ते। केचन सन्ति भावा वर्णयितुं योग्याः केचन भावभङ्गिमयैव प्रकटयितुमर्हाः, अपरे शेषा भावाः क्रियात्मकाः सन्ति, तान् भावान् कोऽपि जनस्तत्पथमारुह्यैव ज्ञातुं शक्नोति। यस्मिन् स्तरे श्रीकृष्ण आसीत्, तदेव स्तरमात्मसात् कृत्वैव क…
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘संशयविषादयोगो’ नाम प्रथमोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘कर्मजिज्ञासा’ नाम द्वितीयोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे ‘शत्रुविनाशप्रेरणा’ नाम तृतीयोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘यज्ञकर्मस्पष्टीकरणम्’ नाम चतुर्थोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘‘यज्ञभोक्तामहापुरुषस्थमहेश्वरः’’ नाम पञ्चमोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘अभ्यासयोगो’ नाम षष्ठोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘समग्रबोधः’ नाम सप्तमोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘अक्षरब्रह्मयोगो’ नामाष्टमोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘राजविद्याजागृति’ नाम नवमोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘विभूतिवर्णनम्’ नाम दशमोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘विश्वरूपदर्शनयोगो’ नामैका- दशोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘भक्तियोगो’ नाम द्वादशोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोगो’ नाम त्रयोदशोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘गुणत्रयविभागयोगो’ नाम चतुर्दशोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘पुरुषोत्तमयोगो’ नाम पञ्चदशोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘दैवासुरसम्पद्विभागयोगो’ नाम षोडशोऽध्यायः।
 
श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसम्वादे ‘ॐ तत्सत् श्रद्धात्रयविभागयोगो’ नाम सप्तदशोऽध्यायः।
 
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