show episodes
 
उज्यालो रेडियो नेटवर्कको कार्यक्रम श्रुति संवेग हरेक मंगलवार र शुक्रवार राती सवा नौ बजेदेखि १० बजेसम्म अच्युत घिमिरेका साथमा प्रसारण हुन्छ । कथा, उपन्यास, निबन्ध, यात्रा संस्मरण जस्ता गद्य साहित्यलाई श्रृंखलावद्ध रुपमा वाचन गरिने यो कार्यक्रम उज्यालो रेडियो नेटवर्कसंगै यससंग आबद्ध देशभरिका ७० वटा भन्दा बढी एफ एम हरुबाट एकैसाथ प्रसारण हुन्छ । श्रुति संवेगमा प्रसारण भएका पछिल्ला श्रृंखला डाउनलोडका लागि यहाँ उपलब्ध छन् ।
 
(Nepali) ‘साँस्कृतिक सम्पदा - प्राचीन राजधानी’ चीनको इतिहासमा हजारौं वर्षहरू अविधमा रहेका विभिन्न महत्त्वपूर्ण राजधानीहरूको अन्वेषण गर्ने वृत्तचित्रको 8 भागहरू भएको ‘साँस्कृतिक सम्पदा’ कार्यक्रमको 5th श्रृंखला हो। यी राजधानीहरू यद्यपि अहिले सबैले आधुनिकरणसँग सामना गरिरहेका छन्, सभ्यताका महिमाहरूको चिन्हहरू अंकित हुन सक्छन् र परम्परागत विचारधारको बहुमूल्य महत्त्व अझैपनि पाउन सकिन्छ। 《文化長河》第五輯【古都行】,攝製隊帶觀眾走進深入探索中國歷史上的重要都城,包括中國四大古都──洛陽、西安、南京、北京,以及成都、開封、銀川、高昌、大理、元上都、瀋陽等。 昔日京城,今天古都。古都曾是國家的政治權力核心、皇 ...
 
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show series
 
किस्सा 81 - 1971 की जंग से पहले सेनाध्यक्षों ने अहंकार पर हासिल की जीतद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 80 - शास्त्री जी ने फिर कभी नहीं किया राजभवनों का रूखद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 79 - जब ‘बाबा बर्फानी’ की यात्रा में मरते-मरते बचें नेहरू जीद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 78 - जब प्रयत्नपूर्वक भूला दिया गया ‘एका आंदोलन’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 77 - जब हाजिरजवाब अटल ने निकाली इंदिरा के ‘दंभ’ की हवाद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 76 - इंग्लैंड में सुझा था पाकिस्तान का ‘कुविचार’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 75 - जब भरी सभा में ‘दिनकर’ बोले ‘जनता आलसी है’!द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 74 - ओबामा को आज भी प्रिय है हमारे ‘हनुमान जी’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 73 - जब सीरियाई राजदूत ने भारतीय विधाओं का किया अध्ययनद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 72 - जब भारतीय पत्रकारों ने माउंटबेटन को निडरता से दिया जवाबद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 71 - जब अमरिकी मदद ने किया भारतीय विदेशनीति का बड़ा ‘नुकसान’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 70 - जहां कर्फ्यू का नियम आजतक बना हुआ है लोगों के जीवनशैली का हिस्साद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 69 - जब रंगभेद के दंश से हुआ ‘गांधीजी’ का सामनाद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 68 - जब टोडरमल ने सुझाया नाप का पैमाना ‘जरीब’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 67 - जब ठेठ ग्रामीण जनजीवन देखकर मंत्रमुग्ध हुए ‘डॉ. कलाम’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 66 - जब ‘कालापानी’ मुझे नहीं तोड पाई तो ये भूख क्या तोडेंगीद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 65 - जब दिव्य दर्शन से मिले आत्मबल ने ‘सचिन’ से बनवाए 148 रनद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 64 - जब भारतीयों की आवभगत से घबराए रूसी नेताद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 63 - जब ‘सुभाष बाबू’ की मर्जी से ही हुई उनकी पहली जेल यात्राद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 62 - जब भारतीय अफसर ने रूकवाई अंग्रेज अधिकारी की मनमानीद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 61 - जब मुख्यमंत्री के कंधे पर चढ़कर हाथी पर बैठे ‘संजय गांधी’द्वारा अभिषेक
 
Maa Jee (ماں جی) is one of the most famous afsana by Qudratullah Shahab (قدرت اللہ شہاب), writer of Shahabnama. Watch on YouTube: http://youtube.com/blogaeyListen famous Urdu poetry: https://www.youtube.com/channel/UCHk3F_2UbUJDAmlNpw0NwugMusic: Dreaming in 432Hz by Unicorn Headsद्वारा Ahsan Saeed
 
किस्सा 60 - जब भारत ने की ईरान के ‘मैत्री प्रस्ताव’ की उपेक्षाद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 59 - जब डॉ. कलाम को मिला फ्रांस के साथ काम करने का ‘सीधा प्रस्ताव’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 58 - जब वामपंथियों की ‘करतूतों’ से जल उठा था देशद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 57 - जब बिना दर्शकों के खेला गया भारत-पाकिस्तान का वो मैचद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 56 - जब ‘शास्त्री जी’ ने मीना कुमारी को पहचानने से कर दिया इन्कारद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 55 - जब मोरारजी को मिली ‘देशवासियों के रवैये में बदलाव’ की सलाहद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 54 - जब एक शब्द के प्रयोग पर ‘अटल जी’ ने विपक्ष को चेतायाद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 53 - जब लोकनायक के नेतृत्व में आगे बढ़ा वास्तविक ‘छात्र आंदोलन’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 52 - जब डोगरा लड़ाकों के पराक्रम से सुरक्षित हुआ ‘पुंछ’ इलाकाद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 51 - जब वामपंथी दुष्प्रचार के खिलाफ खड़े हुए ‘गुरूद्वारें’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 50 - जब जापान के हारने पर भी ‘नेताजी’ नहीं हारेद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 49 - जब भाई अजीत ने किए सचिन के पहले दौरे से जुड़े दस्तावेज़ों पर दस्तखतद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 48 - जब सुषमा जी बोलीं- ‘मेरी सुरक्षा छोड़िए, पहले दूसरों को देखिए’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 47 - जब अपने प्रियजन के निधन के बावजूद राॅकेट बनाते रहे ‘डॉ. कलाम’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 46 - जब बचपन की गलत आदत को भी ‘गांधीजी’ ने साहस से स्वीकाराद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 45 - जब रूस ने भारत को दिया था चीन के खिलाफ ‘साथ का भरोसा’द्वारा अभिषेक
 
किस्सा 44 - जब घुसपैठिये देश में बेधड़क घुसते रहे और सरकार सोती रहीद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 43 - जब संजय गांधी की ‘चप्पलें’ हाथ में लेकर चले मुख्यमंत्री तिवारीद्वारा अभिषेक
 
किस्सा 42 - जब वकार की बात का जवाब ‘सचिन’ ने शतक से दियाद्वारा अभिषेक
 
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