Artwork

Nayi Dhara Radio द्वारा प्रदान की गई सामग्री. एपिसोड, ग्राफिक्स और पॉडकास्ट विवरण सहित सभी पॉडकास्ट सामग्री Nayi Dhara Radio या उनके पॉडकास्ट प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर द्वारा सीधे अपलोड और प्रदान की जाती है। यदि आपको लगता है कि कोई आपकी अनुमति के बिना आपके कॉपीराइट किए गए कार्य का उपयोग कर रहा है, तो आप यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं https://hi.player.fm/legal
Player FM - पॉडकास्ट ऐप
Player FM ऐप के साथ ऑफ़लाइन जाएं!

Ek Vaakiya | Sahir Ludhianvi

2:06
 
साझा करें
 

Manage episode 384898760 series 3463571
Nayi Dhara Radio द्वारा प्रदान की गई सामग्री. एपिसोड, ग्राफिक्स और पॉडकास्ट विवरण सहित सभी पॉडकास्ट सामग्री Nayi Dhara Radio या उनके पॉडकास्ट प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर द्वारा सीधे अपलोड और प्रदान की जाती है। यदि आपको लगता है कि कोई आपकी अनुमति के बिना आपके कॉपीराइट किए गए कार्य का उपयोग कर रहा है, तो आप यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं https://hi.player.fm/legal

एक वाक़िआ | साहिर लुधियानवी

अँध्यारी रात के आँगन में ये सुब्ह के क़दमों की आहट

ये भीगी भीगी सर्द हवा ये हल्की हल्की धुंदलाहट

गाड़ी में हूँ तन्हा महव-ए-सफ़र और नींद नहीं है आँखों में

भूले-बिसरे अरमानों के ख़्वाबों की ज़मीं है आँखों में

अगले दिन हाथ हिलाते हैं पिछली पीतें याद आती हैं

गुम-गश्ता ख़ुशियाँ आँखों में आँसू बन कर लहराती हैं

सीने के वीराँ गोशों में इक टीस सी करवट लेती है

नाकाम उमंगें रोती हैं उम्मीद सहारे देती है

वो राहें ज़ेहन में घूमती हैं जिन राहों से आज आया हूँ

कितनी उम्मीद से पहुँचा था कितनी मायूसी लाया हूँ

  continue reading

376 एपिसोडस

Artwork
iconसाझा करें
 
Manage episode 384898760 series 3463571
Nayi Dhara Radio द्वारा प्रदान की गई सामग्री. एपिसोड, ग्राफिक्स और पॉडकास्ट विवरण सहित सभी पॉडकास्ट सामग्री Nayi Dhara Radio या उनके पॉडकास्ट प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर द्वारा सीधे अपलोड और प्रदान की जाती है। यदि आपको लगता है कि कोई आपकी अनुमति के बिना आपके कॉपीराइट किए गए कार्य का उपयोग कर रहा है, तो आप यहां बताई गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं https://hi.player.fm/legal

एक वाक़िआ | साहिर लुधियानवी

अँध्यारी रात के आँगन में ये सुब्ह के क़दमों की आहट

ये भीगी भीगी सर्द हवा ये हल्की हल्की धुंदलाहट

गाड़ी में हूँ तन्हा महव-ए-सफ़र और नींद नहीं है आँखों में

भूले-बिसरे अरमानों के ख़्वाबों की ज़मीं है आँखों में

अगले दिन हाथ हिलाते हैं पिछली पीतें याद आती हैं

गुम-गश्ता ख़ुशियाँ आँखों में आँसू बन कर लहराती हैं

सीने के वीराँ गोशों में इक टीस सी करवट लेती है

नाकाम उमंगें रोती हैं उम्मीद सहारे देती है

वो राहें ज़ेहन में घूमती हैं जिन राहों से आज आया हूँ

कितनी उम्मीद से पहुँचा था कितनी मायूसी लाया हूँ

  continue reading

376 एपिसोडस

सभी एपिसोड

×
 
Loading …

प्लेयर एफएम में आपका स्वागत है!

प्लेयर एफएम वेब को स्कैन कर रहा है उच्च गुणवत्ता वाले पॉडकास्ट आप के आनंद लेंने के लिए अभी। यह सबसे अच्छा पॉडकास्ट एप्प है और यह Android, iPhone और वेब पर काम करता है। उपकरणों में सदस्यता को सिंक करने के लिए साइनअप करें।

 

त्वरित संदर्भ मार्गदर्शिका